Maharashtra: मुंब्रा स्टेशन पर 9 जून 2025 को हुए दर्दनाक रेल हादसे को एक साल बीत चुका है। इस हादसे में 5 लोगों की जान गई थी और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। एक साल बाद भी पीड़ित परिवारों के लिए जिंदगी पटरी पर लाना मुश
Maharashtra: मुंब्रा स्टेशन पर 9 जून 2025 को हुए दर्दनाक रेल हादसे को एक साल बीत चुका है। इस हादसे में 5 लोगों की जान गई थी और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। एक साल बाद भी पीड़ित परिवारों के लिए जिंदगी पटरी पर लाना मुश्किल हो रहा है। लोग आज भी शारीरिक अपंगता, मानसिक तनाव और इलाज के भारी खर्च से लड़ रहे हैं।
हादसे के बाद पीड़ितों की मौजूदा स्थिति क्या है?
हादसे में बचे लोग और उनके परिवार आज भी गहरे सदमे में हैं। कई लोग अपनी नौकरी खो चुके हैं और जो घायल हुए थे, उनका इलाज अब भी जारी है। मेडिकल खर्चों के कारण कई परिवार कर्ज में डूब गए हैं। जिन परिवारों ने अपने करीबियों को खोया, उनके लिए यह खालीपन भरना नामुमकिन साबित हो रहा है।
जांच में क्या बातें सामने आईं और किसे जिम्मेदार माना गया?
GRP ने VJTI की रिपोर्ट के आधार पर दो Central Railway इंजीनियरों, विशाल डोलस और समर यादव पर लापरवाही का आरोप लगाया है। जांच में यह बात सामने आई कि मार्च से जून 2025 के बीच ट्रैक खराब होने की चेतावनी मिलने के बावजूद उसे ठीक नहीं किया गया। आरोप है कि बदला गया ट्रैक का हिस्सा बिना वेल्डिंग के ही छोड़ दिया गया था।
रेलवे और सरकार का क्या पक्ष रहा?
Central Railway ने शुरुआत में इस हादसे को भीड़भाड़ और यात्रियों के बैग टकराने का नतीजा बताया था, जिसे GRP ने खारिज कर दिया। वहीं, महाराष्ट्र सरकार ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये की सहायता राशि और घायलों के इलाज का खर्च उठाने का ऐलान किया था।
| मुख्य विवरण |
जानकारी |
| हादसे की तारीख |
9 जून 2025 |
| कुल मौतें |
5 लोग |
| आरोपी अधिकारी |
विशाल डोलस और समर यादव |
| मुआवजा राशि |
5 लाख रुपये (मृतकों के परिजनों को) |
| जांच संस्था |
GRP और VJTI |
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंब्रा रेल हादसे के लिए किन अधिकारियों पर आरोप लगे हैं?
GRP ने असिस्टेंट डिविजनल इंजीनियर विशाल डोलस और सीनियर सेक्शन इंजीनियर समर यादव पर लापरवाही का आरोप लगाया है क्योंकि उन्होंने समय पर ट्रैक की मरम्मत नहीं करवाई थी।
महाराष्ट्र सरकार ने पीड़ितों के लिए क्या मदद जाहीर की थी?
सरकार ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये की सहायता राशि देने और घायलों के सभी मेडिकल खर्चों को वहन करने की घोषणा की थी।