Maharashtra: मुंबई में रहने वाले 25 से 35 साल के कामकाजी युवाओं में Fatty Liver की समस्या तेजी से बढ़ रही है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, एक हफ्ते के भीतर ही 10 से 12 ऐसे युवा प्रोफेशनल मिले हैं जिन्हें इस बीमारी का पता च
Maharashtra: मुंबई में रहने वाले 25 से 35 साल के कामकाजी युवाओं में Fatty Liver की समस्या तेजी से बढ़ रही है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, एक हफ्ते के भीतर ही 10 से 12 ऐसे युवा प्रोफेशनल मिले हैं जिन्हें इस बीमारी का पता चला है। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से कई लोग न तो मोटे हैं और न ही शराब का सेवन करते हैं, फिर भी उनका लिवर खराब हो रहा है।
युवाओं में Fatty Liver बढ़ने के मुख्य कारण क्या हैं?
डॉक्टरों का कहना है कि आजकल के कॉर्पोरेट और IT सेक्टर में काम करने वाले लोगों पर मानसिक तनाव बहुत ज्यादा रहता है। Gleneagles Hospital के डॉ. चेतन कालल के मुताबिक, खराब नींद, काम के लंबे घंटे और शारीरिक गतिविधि की कमी इसकी बड़ी वजह है। इसके अलावा, गलत समय पर खाना खाना और लगातार स्क्रीन के सामने बैठे रहना भी लिवर पर बुरा असर डाल रहा है।
किन लोगों को है सबसे ज्यादा खतरा?
CARE Hospitals के सीनियर गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. रामसागर विद्या सागर ने बताया कि जो लोग डेस्क जॉब करते हैं और जिनका जीवन पूरी तरह से सुस्त (Sedentary) हो गया है, वे ज्यादा खतरे में हैं। फास्ट फूड का अधिक सेवन और मेटाबॉलिक डिसऑर्डर भी इस समस्या को बढ़ा रहे हैं। ICMR ने भी चेतावनी दी है कि भारत में मोटापा और डायबिटीज बढ़ने से लिवर की बीमारियां तेजी से फैल रही हैं।
लिवर को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?
विशेषज्ञों की सलाह है कि काम के बीच में छोटे ब्रेक लें और शारीरिक व्यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। समय पर भोजन करना और पर्याप्त नींद लेना बहुत जरूरी है। अगर आप लगातार थकान या तनाव महसूस करते हैं, तो समय पर जांच कराना बेहतर होता है ताकि बीमारी को शुरुआती स्टेज पर ही रोका जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या बिना शराब पिए भी Fatty Liver हो सकता है?
हाँ, मुंबई में देखे गए कई मामलों में युवा प्रोफेशनल शराब नहीं पीते थे, फिर भी उन्हें Fatty Liver मिला। इसका मुख्य कारण अत्यधिक तनाव, खराब जीवनशैली और अनियमित खान-पान है।
लिवर की समस्या के लिए कौन से प्रोफेशनल्स ज्यादा रिस्क पर हैं?
IT और कॉर्पोरेट सेक्टर में काम करने वाले लोग ज्यादा रिस्क पर हैं क्योंकि उनकी जॉब में लंबे समय तक बैठना, मानसिक तनाव और फिजिकल एक्टिविटी की कमी होती है।