Maharashtra: मुंबई के एम-ईस्ट वार्ड की रहने वाली दस आम महिलाओं ने अपनी जिंदगी की कहानियों को कैमरे में कैद किया है। इन महिलाओं ने स्मार्टफोन की मदद से ‘Mast Mahila Mandali’ नाम की एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाई
Maharashtra: मुंबई के एम-ईस्ट वार्ड की रहने वाली दस आम महिलाओं ने अपनी जिंदगी की कहानियों को कैमरे में कैद किया है। इन महिलाओं ने स्मार्टफोन की मदद से ‘Mast Mahila Mandali’ नाम की एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाई है। यह फिल्म गोवंडी, देवनार और चेंबूर जैसे इलाकों की महिलाओं की रोजमर्रा की जिंदगी, उनकी दोस्ती और उनके सपनों को दिखाती है।
फिल्म कैसे बनी और किसने किया निर्देशन?
इस फिल्म को मुंबई के एम-ईस्ट वार्ड की रहने वाली दस महिलाओं ने मिलकर निर्देशित किया है। इनमें अंजुम शेख, दर्शना मायेकर, गौरी राणे, कविता खोमने, रोहिणी कदम, रेहाना शेख, शीतल नवले, कविता घुगे, नाज़नीन सिद्दीकी और वैशाली माने शामिल हैं। टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) की प्रोफेसर और नेशनल अवार्ड विजेता फिल्ममेकर शिल्पी गुलाटी ने इन्हें स्मार्टफोन कैमरा चलाने, ऑडियो रिकॉर्ड करने और एडिटिंग का प्रशिक्षण दिया। फिल्म की शूटिंग केवल एक साधारण Xiaomi POCO X3 Pro स्मार्टफोन से की गई है।
फिल्म की स्क्रीनिंग और मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस डॉक्यूमेंट्री का प्रीमियर 28 अप्रैल 2026 को मुंबई के मशहूर रीगल सिनेमा में हुआ, जहां एक हजार से ज्यादा लोग मौजूद थे। इसके बाद इसे नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट (NGMA) में भी दिखाया गया। CORO India संस्था ने इस प्रोजेक्ट में मदद की है। फिल्म का मकसद बस्ती में रहने वाली महिलाओं की जिंदगी को केवल दुख या संघर्ष के रूप में नहीं, बल्कि उनकी खुशियों और आजादी के नजरिए से दिखाना है।
फिल्म के पीछे की टीम और खास बातें
- सह-निर्देशक: एम-ईस्ट वार्ड की 10 महिलाएं
- सुविधा प्रदाता और संपादक: शिल्पी गुलाटी (TISS प्रोफेसर)
- कार्यकारी निर्माता: सुप्रिया जान (CORO India)
- संस्था: CORO India
- फिल्म की अवधि: 72 मिनट
Frequently Asked Questions (FAQs)
Mast Mahila Mandali फिल्म किस बारे में है?
यह 72 मिनट की एक डॉक्यूमेंट्री है जो मुंबई के गोवंडी, देवनार और चेंबूर जैसे इलाकों की महिलाओं के आंतरिक जीवन, उनकी दोस्ती और रोजमर्रा के अनुभवों को दिखाती है।
इस फिल्म को बनाने के लिए किस तकनीक का इस्तेमाल किया गया?
इस फिल्म को किसी महंगे कैमरे के बजाय एक साधारण Xiaomi POCO X3 Pro स्मार्टफोन से शूट किया गया है, ताकि तकनीक को आम लोगों तक पहुंचाया जा सके।