Maharashtra: मुंबई की एक महिला ने ऑफिस के लंबे घंटों और सफर की थकान को लेकर एक वीडियो शेयर किया है, जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। Tulip नाम की इस महिला ने कहा कि शहर में 9-to-5 की नौकरियां अब सिर्फ नाम की
Maharashtra: मुंबई की एक महिला ने ऑफिस के लंबे घंटों और सफर की थकान को लेकर एक वीडियो शेयर किया है, जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। Tulip नाम की इस महिला ने कहा कि शहर में 9-to-5 की नौकरियां अब सिर्फ नाम की रह गई हैं, असल में यह 12 घंटे से ज्यादा की ड्यूटी बन चुकी है। इस वीडियो के बाद वर्क-लाइफ बैलेंस और ऑफिस के दबाव को लेकर देश भर में बहस छिड़ गई है।
नए लेबर कोड में काम के घंटे और ओवरटाइम के क्या नियम हैं?
केंद्र सरकार ने 8 मई 2026 को ‘कोड ऑन वेजेस 2019’ और ‘इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड 2020’ के अंतिम नियम जारी किए हैं। इन नियमों के मुताबिक अब काम के घंटों और पैसों का हिसाब इस तरह होगा:
- एक हफ्ते में काम के कुल घंटे अधिकतम 48 तय किए गए हैं।
- अगर कोई कर्मचारी हफ्ते में 48 घंटे से ज्यादा काम करता है, तो उसे ओवरटाइम देना होगा।
- ओवरटाइम का भुगतान सामान्य वेतन की दोगुनी दर से किया जाएगा।
- एक दिन की शिफ्ट 12 घंटे तक हो सकती है, लेकिन हफ्ते का कुल समय 48 घंटे से ज्यादा नहीं होना चाहिए।
- एक तिमाही (quarter) में ओवरटाइम की अधिकतम सीमा 125 घंटे रखी गई है।
मुंबई की महिलाओं और कर्मचारियों के लिए क्या राहत मिली है?
मुंबई महानगर क्षेत्र में सरकारी नौकरी करने वाली महिलाओं के लिए डिप्टी सीएम सुनित्रा पवार ने 10 मार्च 2026 को लचीले समय (flexible timing) की घोषणा की थी। इसके तहत महिलाएं सुबह 9:15 से 9:45 के बीच ऑफिस पहुंच सकती हैं और उसी हिसाब से जल्दी घर जा सकती हैं। वहीं, एक्सपर्ट्स का कहना है कि नए नियमों से बेसिक सैलरी कुल वेतन का कम से कम 50% होगी, जिससे टेक-होम सैलरी थोड़ी कम हो सकती है लेकिन रिटायरमेंट के समय PF का पैसा ज्यादा मिलेगा।
काम के दबाव और सफर का सेहत पर क्या असर पड़ता है?
मनोचिकित्सक डॉ. मनोज भटवाडेकर के मुताबिक मुंबई जैसे शहर में लंबा सफर करने से लोगों का पारिवारिक जीवन और काम पर फोकस खराब होता है। इससे तनाव बढ़ता है और गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसी बीच निस्ठा त्रिपाठी और सुहिता देव जैसे प्रोफेशनल्स ने भी सोशल मीडिया पर कहा है कि भारत में ‘बर्नआउट’ को बढ़ावा देना बंद होना चाहिए और ऑफिस जाने के बजाय घर से काम (WFH) के विकल्प मिलने चाहिए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नए लेबर कोड के अनुसार ओवरटाइम की पेमेंट कैसे होगी?
नए नियमों के मुताबिक, हफ्ते में 48 घंटे से ज्यादा काम करने पर कर्मचारी को ओवरटाइम मिलेगा। यह भुगतान सामान्य वेतन की दोगुनी दर (double the ordinary wage rate) पर किया जाएगा।
क्या नए नियम सभी कर्मचारियों पर लागू होते हैं?
EY इंडिया के पुनीत गुप्ता के अनुसार, ये नियम फिलहाल केंद्र सरकार के अधीन संस्थानों जैसे बैंकिंग, टेलीकॉम और बीमा क्षेत्र पर लागू हैं। अन्य क्षेत्रों के लिए राज्य सरकारें अपने नियम तय करेंगी।