Mumbai में घरेलू नुस्खों के चक्कर में बढ़ी बीमारी, महिला की जान पर बनी; इमरजेंसी सर्जरी के बाद बची जान
Maharashtra: मुंबई की एक 55 साल की महिला ने हर्निया की समस्या को महीनों तक नजरअंदाज किया और इलाज के लिए घरेलू नुस्खों का सहारा लिया। इस वजह से उनकी हालत इतनी बिगड़ गई कि उन्हें इमरजेंसी सर्जरी करानी पड़ी। डॉक्टरों ने लैप
Maharashtra: मुंबई की एक 55 साल की महिला ने हर्निया की समस्या को महीनों तक नजरअंदाज किया और इलाज के लिए घरेलू नुस्खों का सहारा लिया। इस वजह से उनकी हालत इतनी बिगड़ गई कि उन्हें इमरजेंसी सर्जरी करानी पड़ी। डॉक्टरों ने लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के जरिए उनका इलाज किया और उन्हें एक गंभीर स्थिति से बाहर निकाला।
महिला को स्ट्रैंगुलेटेड फेमोरल हर्निया (Strangulated Femoral Hernia) की समस्या थी। यह एक ऐसी स्थिति होती है जब हर्निया के कारण फंसे हुए ऊतकों या आंतों तक खून की सप्लाई रुक जाती है, जिससे वह हिस्सा खराब होने लगता है। यह एक जानलेवा स्थिति है जिसमें तुरंत ऑपरेशन की जरूरत होती है। फेमोरल हर्निया पुरुषों की तुलना में महिलाओं में ज्यादा देखा जाता है।
मेडिकल एक्सपर्ट्स और GI एवं हर्निया सर्जन डॉ. नितिन तवटे के अनुसार, जटिल हर्निया के मामलों में बहुत सावधानी और सटीक सर्जिकल तकनीक की जरूरत होती है। डॉक्टरों का कहना है कि हर्निया अपने आप ठीक नहीं होता और सर्जरी ही इसका एकमात्र प्रभावी इलाज है। घरेलू उपाय केवल लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं, लेकिन वे बीमारी को जड़ से खत्म नहीं कर सकते।
हर्निया के लक्षणों को पहचानना बहुत जरूरी है। अगर हर्निया वाली जगह पर अचानक तेज दर्द हो, सूजन वाली जगह सख्त या रंगीन हो जाए, या गैस और मल त्यागने में दिक्कत आए, तो यह खतरे की घंटी है। ऐसे समय में बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए क्योंकि इलाज में देरी से आंतों में रुकावट और स्ट्रैंगुलेशन जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।