Maharashtra: मुंबई के बांद्रा रेलवे स्टेशन के पास स्थित Garib Nagar में मंगलवार को Western Railway ने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। कोर्ट के आदेश के बाद करीब 400 अवैध झोपड़ियों को बुलडोजर से गिरा दिया गया। इ
Maharashtra: मुंबई के बांद्रा रेलवे स्टेशन के पास स्थित Garib Nagar में मंगलवार को Western Railway ने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। कोर्ट के आदेश के बाद करीब 400 अवैध झोपड़ियों को बुलडोजर से गिरा दिया गया। इस कार्रवाई के दौरान भारी संख्या में Mumbai Police और रेलवे पुलिस तैनात रही और यह अभियान अगले चार-पांच दिनों तक जारी रहेगा।
क्यों की गई यह कार्रवाई और क्या है रेलवे का प्लान?
Western Railway के मुताबिक यह कार्रवाई रेलवे की सुरक्षा और भविष्य के बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए जरूरी थी। इस जमीन का इस्तेमाल पांचवीं और छठी रेलवे लाइन बिछाने के लिए किया जाएगा। इससे मुंबई से चलने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी और Bandra Terminus का विस्तार होगा, जिससे लोकल ट्रेन और लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन को अलग-अलग किया जा सकेगा।
अतिक्रमण हटाओ अभियान से जुड़ी मुख्य बातें
| विवरण |
जानकारी |
| कुल हटाई गई झोपड़ियां |
लगभग 400-500 अवैध घर |
| सुरक्षा बल |
1,000 से ज्यादा पुलिस और रेलवे कर्मी |
| कोर्ट का आदेश |
Bombay High Court द्वारा अनुमति |
| अभियान की अवधि |
19 मई से 23 मई 2026 तक |
| बचाई गई झोपड़ियां |
100 कानूनी रूप से सही घर |
स्थानीय लोगों का विरोध और कोर्ट की शर्तें
इस कार्रवाई के दौरान स्थानीय निवासियों ने भारी विरोध किया और खुद को बेबस बताया। लोगों का कहना था कि उन्हें तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला। हालांकि, Bombay High Court ने स्पष्ट किया था कि 2021 के सर्वे में शामिल पात्र झुग्गी निवासियों को सुरक्षा और पुनर्वास दिया जाए। Western Railway के CPRO Vineet Abhishek ने कहा कि कुछ अवैध कब्जों की वजह से पूरे मुंबई शहर की रफ्तार नहीं रोकी जा सकती।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Garib Nagar में झोपड़ियां क्यों गिराई गईं?
यह कार्रवाई Bandra Terminus के विस्तार, पांचवीं और छठी रेलवे लाइन बिछाने और मुंबई से नई लंबी दूरी की ट्रेनें शुरू करने के लिए की गई है।
क्या सभी निवासियों को हटाया गया है?
नहीं, Bombay High Court के आदेशानुसार 2021 के सर्वे में पात्र पाए गए निवासियों को सुरक्षा दी गई है और लगभग 100 कानूनी झोपड़ियों को नहीं गिराया गया है।