Mumbai में पानी का संकट गहराया, झीलों में बचा सिर्फ 10% पानी; BMC ले सकती है कड़े फैसले

Maharashtra : मुंबई के लोगों के लिए आने वाले दिन मुश्किल भरे हो सकते हैं क्योंकि शहर को पानी देने वाली सात झीलों का जलस्तर काफी नीचे गिर गया है। सोमवार, 15 जून 2026 तक इन झीलों में कुल क्षमता का केवल 10.7% पानी ही बचा है

Maharashtra : मुंबई के लोगों के लिए आने वाले दिन मुश्किल भरे हो सकते हैं क्योंकि शहर को पानी देने वाली सात झीलों का जलस्तर काफी नीचे गिर गया है। सोमवार, 15 जून 2026 तक इन झीलों में कुल क्षमता का केवल 10.7% पानी ही बचा है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए BMC मंगलवार को एक हाई-लेवल मीटिंग करने जा रही है, जिसमें तय होगा कि पानी बचाने के लिए और कितने कड़े कदम उठाने की जरूरत है।

ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सात झीलों में अब सिर्फ 1.55 लाख मिलियन लीटर (ML) पानी बचा है। हालांकि, पिछले साल इसी दिन यह स्तर 8.7% था, लेकिन मौजूदा स्थिति फिर भी चिंताजनक है। पूरे महाराष्ट्र के बांधों की स्थिति देखें तो वहां भी केवल 24.53% स्टोरेज बचा है। राज्य सरकार ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि 31 अगस्त तक केवल पीने के पानी की सप्लाई को प्राथमिकता दी जाए।

मुंबई में 15 मई से पहले ही 10% पानी की कटौती लागू है। एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर Abhijit Bangar ने बताया कि फिलहाल कटौती बढ़ाने पर कोई फैसला नहीं लिया गया है, लेकिन समीक्षा बैठक के बाद स्थिति साफ होगी। BMC अब कंस्ट्रक्शन साइट्स, क्लबों और स्विमिंग पूल में पीने के पानी के इस्तेमाल पर सख्ती करने पर विचार कर रही है। साथ ही, सड़कों पर गाड़ियां धोने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

म्युनिसिपल कमिश्नर Ashwini Bhide ने शहर के करीब 350 खुले कुओं की सफाई और मरम्मत के आदेश दिए हैं। मकसद यह है कि गार्डनिंग और कंस्ट्रक्शन जैसे कामों के लिए इन कुओं के पानी का इस्तेमाल हो, ताकि पीने के पानी पर दबाव कम हो सके। इसके अलावा, पानी के टैंकरों के लिए एक नई पॉलिसी लाई जा रही है, जिसमें OTP आधारित बुकिंग और डिजिटल मॉनिटरिंग पोर्टल होगा ताकि पानी की चोरी रोकी जा सके।

मौसम विभाग (IMD) की रिपोर्ट ने चिंता और बढ़ा दी है। El Niño के प्रभाव के कारण जून के अंत तक भारी बारिश की उम्मीद कम है और 20 जून के बाद ही कुछ अच्छी बारिश होने की संभावना है। ग्रामीण इलाकों में राज्य सरकार ने घरेलू सप्लाई के लिए पानी की राशनिंग शुरू कर दी है और खेती के लिए बांधों से पानी छोड़ना बंद कर दिया है।