Maharashtra: मुंबई के वाडी बंडर (Wadi Bunder) में वंदे भारत ट्रेनों के लिए एक खास मेंटेनेंस यार्ड बनाया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट का सिविल और सिग्नलिंग का करीब 15 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इस सुविधा के बनने से मुंबई में
Maharashtra: मुंबई के वाडी बंडर (Wadi Bunder) में वंदे भारत ट्रेनों के लिए एक खास मेंटेनेंस यार्ड बनाया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट का सिविल और सिग्नलिंग का करीब 15 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इस सुविधा के बनने से मुंबई में सेमी-हाईस्पीड ट्रेनों की देखभाल और मरम्मत का काम बहुत आसान हो जाएगा।
Wadi Bunder डिपो में क्या-क्या खास सुविधाएं होंगी?
इस नए डिपो को आधुनिक तकनीक से लैस किया जा रहा है ताकि ट्रेनों की सर्विसिंग तेजी से हो सके। इसकी मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- यहाँ 5 स्टेबलिंग लाइन्स होंगी, जहाँ वंदे भारत ट्रेनों की पार्किंग और सर्विसिंग होगी।
- 400 मीटर लंबा और 36 मीटर चौड़ा एक बड़ा कवर्ड शेड बनाया जाएगा।
- रोशनी के लिए पारदर्शी पॉलीकार्बोनेट शीट और हवा के लिए रूफ वेंटिलेटर्स लगाए जाएंगे।
- पुराने IOH शेड को 70 मीटर और बढ़ाया जाएगा, जिसमें ट्रेनों के निचले हिस्से की जांच के लिए मेंटेनेंस पिट्स होंगे।
प्रोजेक्ट का बजट और समय सीमा क्या है?
सेंट्रल रेलवे (CR) इस पूरे प्रोजेक्ट की देखरेख कर रहा है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक सिविल काम लगातार चल रहा है और अब इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल काम शुरू हो गए हैं।
| विवरण |
जानकारी |
| कुल बजट |
253 करोड़ रुपये |
| पूरा होने का समय |
2026 तक |
| मुख्य उद्देश्य |
ट्रेनों की टर्नअराउंड क्षमता बढ़ाना और पुराने डिपो का दबाव कम करना |
| विशेषता |
सोलर ट्यूब्स और आधुनिक OHE सिस्टम का इस्तेमाल |
बता दें कि वाडी बंडर मुंबई का सबसे पुराना रेलवे यार्ड है जो 1882 में बना था। अब इसे वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों और नई पीढ़ी की ट्रेनों के हिसाब से अपडेट किया जा रहा है। अक्टूबर 2024 में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी यहाँ के इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया था।