Maharashtra: मुंबई के विखरोली में बनने वाले 90 करोड़ रुपये के फुट ओवर ब्रिज (FoB) टेंडर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। शिवसेना (UBT) के MLC अनिल परब ने रविवार, 19 अप्रैल 2026 को इस टेंडर में बड़े पैमाने पर धांधली और मिलीभ
Maharashtra: मुंबई के विखरोली में बनने वाले 90 करोड़ रुपये के फुट ओवर ब्रिज (FoB) टेंडर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। शिवसेना (UBT) के MLC अनिल परब ने रविवार, 19 अप्रैल 2026 को इस टेंडर में बड़े पैमाने पर धांधली और मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि MMRDA ने कुछ खास कंपनियों को फायदा पहुँचाने के लिए नियमों की अनदेखी की है।
अनिल परब ने क्या गंभीर आरोप लगाए हैं?
अनिल परब का कहना है कि विखरोली FoB प्रोजेक्ट के लिए शुरू में 8 कंपनियों ने बोली लगाई थी, लेकिन बाद में 6 कंपनियां पीछे हट गईं। उनका आरोप है कि MMRDA एक खास पैटर्न अपनाता है, जिसमें पहले टेंडर निकाला जाता है और फिर कुछ बोली लगाने वालों पर दबाव डालकर उन्हें पीछे हटने पर मजबूर किया जाता है। परब के मुताबिक, इस पूरी प्रक्रिया का मकसद M/s Speco नाम की कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट दिलाना है।
MMRDA का क्या कहना है और अब आगे क्या होगा?
इस मामले पर MMRDA के मेट्रोपॉलिटन कमिश्नर संजय मुखर्जी ने कहा कि उनकी टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और CVC के नियमों का पालन किया जाता है। हालांकि, उन्होंने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डायरेक्टर (प्रोजेक्ट्स) बसवराज भद्रगोंड को मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।
अन्य प्रोजेक्ट्स और परब की मांगें
अनिल परब ने केवल विखरोली ही नहीं, बल्कि अटल सेतु और BKC-चुनभट्टी कनेक्टर के फाइबर ऑप्टिक केबलिंग टेंडर्स में भी गड़बड़ी की बात कही है। उन्होंने मांग की है कि विखरोली FoB की बोलियां सभी bidders की मौजूदगी में खोली जाएं या फिर टेंडर रद्द कर दोबारा निकाला जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सही कदम नहीं उठाए गए, तो वह इस मामले को लोकायुक्त, CVC और महाराष्ट्र विधानसभा तक ले जाएंगे।