Mumbai के Vasai में भारी बारिश से बाढ़, गाड़ियां डूबीं और स्कूल-कॉलेज बंद

Maharashtra/Mumbai: मुंबई और आसपास के इलाकों में 4 जुलाई 2026 को हुई भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। सबसे बुरा हाल वसई इलाके का रहा जहां सड़कों पर कई फीट पानी भर गया और गाड़ियां पूरी तरह डूब गईं। हालात इतने खरा

Maharashtra/Mumbai: मुंबई और आसपास के इलाकों में 4 जुलाई 2026 को हुई भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। सबसे बुरा हाल वसई इलाके का रहा जहां सड़कों पर कई फीट पानी भर गया और गाड़ियां पूरी तरह डूब गईं। हालात इतने खराब थे कि लोगों को कमर तक गहरे पानी में चलकर निकलना पड़ा और कई इलाकों में लोग फंस गए।

India Meteorological Department (IMD) ने मुंबई और पड़ोसी जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया था। मौसम विभाग ने 6 जुलाई तक भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी थी। सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को गैर-जरूरी यात्रा न करने की सलाह दी क्योंकि पेड़ गिरने और जलभराव का खतरा बना हुआ था। इसी वजह से 4 जुलाई की दोपहर से मुंबई के सभी स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए थे।

बाढ़ की स्थिति को संभालने के लिए National Disaster Response Force (NDRF) और Vasai-Virar Municipal Corporation (VVMC) की फायर ब्रिगेड की टीमों को लगाया गया। पूर्वी वसई के मोरी और सकवार जैसे गांवों से 100 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया। सकवार गांव के वर्था पाड़ा से 13 लोगों को नाव और रस्सियों की मदद से बचाया गया। प्रशासन ने फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए ट्रैक्टरों का भी इस्तेमाल किया।

बारिश का असर ट्रांसपोर्ट पर भी पड़ा। Andheri Subway को पानी भरने के कारण बंद करना पड़ा और ट्रैफिक को दूसरे रास्तों पर मोड़ा गया। लोकल ट्रेनें भी प्रभावित हुईं, खासकर नालासोपारा स्टेशन पर पटरियों पर पानी भरने से ट्रेनों की रफ्तार धीमी हो गई। डोंबिवली स्टेशन और वहां के बाजारों में पानी घुसने से व्यापारियों को काफी नुकसान हुआ है।

इलाका बारिश का आंकड़ा (4 जुलाई)
पालघर तहसीलदार ऑफिस 265 mm
Vasai-Virar City Municipal Corporation 163 mm
पालघर तालुका (औसत) 137 mm

इस आपदा के बीच राजनीति भी गरमा गई है। वसई की MLA Sneha Dubey-Pandit ने विधानसभा में आरोप लगाया कि नालों की सफाई का काम ठीक से नहीं हुआ, जिसकी वजह से इतनी बाढ़ आई। महाराष्ट्र सरकार ने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं और 8 दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी है। वसई-विरार नगर निगम के कमिश्नर पृथ्वीराज बी.पी. और एडिशनल कमिश्नर संजय हरवड़े जब प्रभावित इलाकों के दौरे पर पहुंचे, तो वहां मौजूद लोगों ने अपना गुस्सा जाहिर किया।