Maharashtra: मुंबई में रहने वाले लोग अक्सर अपने छोटे घरों और भीड़भाड़ से परेशान रहते हैं। एक नई एनालिसिस के मुताबिक, यह समस्या सिर्फ बढ़ती आबादी या जमीन की कमी की वजह से नहीं है, बल्कि पिछले कई दशकों से चली आ रही गलत अर्
Maharashtra: मुंबई में रहने वाले लोग अक्सर अपने छोटे घरों और भीड़भाड़ से परेशान रहते हैं। एक नई एनालिसिस के मुताबिक, यह समस्या सिर्फ बढ़ती आबादी या जमीन की कमी की वजह से नहीं है, बल्कि पिछले कई दशकों से चली आ रही गलत अर्बन प्लानिंग का नतीजा है। शहर के नियमों ने ही लोगों को छोटे कमरों और झुग्गियों में रहने को मजबूर किया है।
FSI नियमों ने कैसे बढ़ाई मुंबई की भीड़?
मुंबई में 1967 में Floor Space Index (FSI) के नियम लाए गए थे ताकि आबादी को कंट्रोल किया जा सके। सरकार का मानना था कि अगर निर्माण पर रोक लगाएंगे तो लोग कम आएंगे। 2018 तक मुंबई में FSI 1.33 तक सीमित था, जबकि न्यूयॉर्क और टोक्यो जैसे शहरों में यह बहुत ज्यादा है। इस वजह से कानूनी घर कम बने और लोग झुग्गियों में रहने लगे। आज मुंबई में एक व्यक्ति के लिए 90 स्क्वायर फीट से भी कम जगह है, जबकि न्यूयॉर्क में यह 531 स्क्वायर फीट है।
प्लानिंग की बड़ी गलतियां और असर
शहर के विकास में कई मौके गंवाए गए। 1991 के डेवलपमेंट प्लान में मिलों की 700 एकड़ जमीन का सही इस्तेमाल नहीं हुआ। एक्सपर्ट्स का कहना है कि 1995 के प्लान ने गरीब लोगों की जरूरतों को नजरअंदाज किया और उन्हें शहर के बाहरी इलाकों में धकेल दिया। इसके अलावा, मुंबई में प्रति व्यक्ति खुला मैदान सिर्फ 1.28 स्क्वायर मीटर है, जबकि गाइडलाइन के हिसाब से यह 10-12 स्क्वायर मीटर होना चाहिए।
इंफ्रास्ट्रक्चर और एजेंसियों के बीच तालमेल की कमी
शहर में MCGM, MMRDA, MHADA और SRA जैसी कई एजेंसियां काम करती हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन सबके बीच तालमेल नहीं है, जिससे नए फ्लाईओवर और रोड बनने के बाद भी ट्रैफिक जाम की समस्या खत्म नहीं हो रही है। नए प्रोजेक्ट्स जैसे कोस्टल रोड और मेट्रो में भी पैदल चलने वालों और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के बजाय कारों को ज्यादा अहमियत दी गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
FSI क्या है और इसका मुंबई पर क्या असर पड़ा?
FSI तय करता है कि जमीन के टुकड़े पर कितनी मंजिल या कितनी जगह का निर्माण हो सकता है। मुंबई में लंबे समय तक FSI को बहुत कम (1.33) रखा गया, जिससे कानूनी मकानों की कमी हुई और लोग छोटे कमरों या स्लम में रहने को मजबूर हुए।
मुंबई में खुले मैदानों की क्या स्थिति है?
NAGAR और OVAL ट्रस्ट के मुताबिक, मुंबई में एक व्यक्ति के लिए उपलब्ध खुला स्थान केवल 1.28 स्क्वायर मीटर है, जो कि जरूरी मानक 10-12 स्क्वायर मीटर से बहुत कम है।