Mumbai University की ग्लोबल रैंकिंग में बड़ी गिरावट, लेकिन नौकरी दिलाने के मामले में दुनिया में बनाया कमाल

Maharashtra: मुंबई यूनिवर्सिटी के लिए QS World University Rankings 2027 के नतीजे मिले-जुले रहे हैं। यूनिवर्सिटी की ओवरऑल रैंकिंग में तो काफी बड़ी गिरावट आई है, लेकिन ग्रेजुएशन के बाद छात्रों को नौकरी दिलाने (Graduate Emp

Maharashtra: मुंबई यूनिवर्सिटी के लिए QS World University Rankings 2027 के नतीजे मिले-जुले रहे हैं। यूनिवर्सिटी की ओवरऑल रैंकिंग में तो काफी बड़ी गिरावट आई है, लेकिन ग्रेजुएशन के बाद छात्रों को नौकरी दिलाने (Graduate Employability) के मामले में यूनिवर्सिटी ने पूरी दुनिया में अपना लोहा मनवाया है।

18 जून 2026 को जारी की गई इस रैंकिंग में मुंबई यूनिवर्सिटी की ओवरऑल पोजीशन पिछले साल के 664वें स्थान से फिसलकर अब 901-950 के बैंड में पहुंच गई है। पिछले चार सालों में यह यूनिवर्सिटी की सबसे निचली रैंकिंग है। हालांकि, अच्छी खबर यह है कि ‘एम्प्लॉयमेंट आउटकम्स’ के मामले में यूनिवर्सिटी ने लंबी छलांग लगाई है। इस कैटेगरी में यूनिवर्सिटी 95वें स्थान से सीधे 25वें नंबर पर पहुंच गई है, जो कि एक बड़ी उपलब्धि है।

रैंकिंग के आंकड़ों पर नजर डालें तो यूनिवर्सिटी का स्कोर 91.0 से बढ़कर 99.5 हो गया है। इस साल किसी भी एक इंडिकेटर में इतनी बड़ी तरक्की कम ही देखने को मिली है। इस मामले में मुंबई यूनिवर्सिटी ने देश के बड़े संस्थानों को भी पीछे छोड़ दिया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी का स्कोर 98.6 रहा, जबकि IIT दिल्ली (59.6), IIT बॉम्बे (78.2) और IIT मद्रास (53.2) जैसे संस्थान एम्प्लॉयमेंट आउटकम्स में मुंबई यूनिवर्सिटी से काफी पीछे रहे। विशेषज्ञों का कहना है कि मुंबई और दिल्ली जैसी यूनिवर्सिटीज में अलग-अलग तरह के कोर्स होते हैं और यहां ग्रेजुएट्स की संख्या ज्यादा होती है, इसलिए इनका प्रदर्शन बेहतर रहा।

यूनिवर्सिटी के कुलपति Ravindra Kulkarni ने इन नतीजों पर बात करते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी के पुराने छात्रों का प्रभाव और यहां का पढ़ाई का माहौल उसकी ताकत है। उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी ने अपनी रैंकिंग गिरने पर आत्म-मंथन किया है और अब एक नई रणनीति तैयार की गई है ताकि आने वाले समय में यूनिवर्सिटी की ग्लोबल रैंकिंग को फिर से सुधारा जा सके।