Mumbai University के फैसले के खिलाफ 18 लॉ कॉलेज पहुंचे बॉम्बे हाई कोर्ट, एडमिशन में कटौती और भारी जुर्माने का मामला

Maharashtra: मुंबई यूनिवर्सिटी ने कई लॉ कॉलेजों में छात्रों की संख्या घटाने और उन पर भारी जुर्माना लगाने का फैसला किया है। इस कार्रवाई से नाराज होकर कम से कम 18 लॉ कॉलेजों ने बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। यूनिवर

Maharashtra: मुंबई यूनिवर्सिटी ने कई लॉ कॉलेजों में छात्रों की संख्या घटाने और उन पर भारी जुर्माना लगाने का फैसला किया है। इस कार्रवाई से नाराज होकर कम से कम 18 लॉ कॉलेजों ने बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। यूनिवर्सिटी ने कुछ कॉलेजों पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया है, जिसके बाद अब यह कानूनी लड़ाई में बदल गया है।

यह पूरा मामला कॉलेजों में मंजूरशुदा प्रिंसिपल और शिक्षकों की कमी से जुड़ा है। यूनिवर्सिटी का कहना है कि जिन कॉलेजों में योग्य शिक्षक और प्रिंसिपल नहीं हैं, वहां शिक्षा का स्तर गिर रहा है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुक्रवार को 16 कॉलेजों को निर्देश दिया कि वे अपनी याचिकाएं अलग-अलग दाखिल करें, क्योंकि हर कॉलेज की समस्या अलग है।

यूनिवर्सिटी ने पहले 68 लॉ और BEd कॉलेजों में एडमिशन पर पूरी तरह रोक लगा दी थी, लेकिन बाद में इस फैसले को वापस ले लिया। अब इन कॉलेजों को उनकी कुल सीटों के केवल 50% छात्रों को एडमिशन लेने की अनुमति दी गई है, बशर्ते वे 10 लाख रुपये का जुर्माना भरें।

कॉलेज की स्थिति सीटों में कटौती जुर्माना राशि
बिना मंजूर प्रिंसिपल या शिक्षक वाले कॉलेज 50% कटौती 10 लाख रुपये
50% से कम मंजूर शिक्षक वाले कॉलेज 25% कटौती 5 लाख रुपये
50% से ज्यादा मंजूर शिक्षक वाले कॉलेज कोई कटौती नहीं 2 लाख रुपये

यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार प्रसाद करंडे ने साफ किया कि यह कार्रवाई सिर्फ शिक्षकों की कमी के आधार पर की गई है, इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर का कोई लेना-देना नहीं है। वहीं, कॉलेजों का तर्क है कि उन्हें चयन समिति के सदस्यों के नाम देर से मिले, इसलिए नियुक्तियां करने में समय लगा। कुछ कॉलेजों ने यह भी आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी ने बिना किसी चेतावनी के यह कदम उठाया है।

इस पूरे विवाद का सबसे बड़ा असर छात्रों पर पड़ रहा है। अनुमान है कि इस सीजन में करीब 6,000 से 8,000 सीटें कम हो सकती हैं। ‘प्रहार विद्यार्थी संगठन’ जैसे छात्र संगठनों ने इसे भेदभावपूर्ण बताया है। वहीं, कुछ कॉलेज प्रिंसिपल छात्रों को एडमिशन दिलाने के लिए जुर्माना भरने को तैयार हैं।