Maharashtra: मुंबई यूनिवर्सिटी ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए एक नया नियम लागू किया है। अब अगर कोई छात्र चार साल का कोर्स पूरा नहीं कर पाता और तीन साल बाद पढ़ाई छोड़ना चाहता है, तो उसे ‘BSc (Tech Eng
Maharashtra: मुंबई यूनिवर्सिटी ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए एक नया नियम लागू किया है। अब अगर कोई छात्र चार साल का कोर्स पूरा नहीं कर पाता और तीन साल बाद पढ़ाई छोड़ना चाहता है, तो उसे ‘BSc (Tech Engineering)’ की डिग्री दी जाएगी। यह फैसला नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 के तहत लिया गया है ताकि छात्रों को पढ़ाई के बीच में निकलने और वापस आने की सुविधा मिल सके।
किसे मिलेगा इस नई डिग्री का फायदा
इस नियम का सबसे पहले फायदा उन छात्रों को मिलेगा जो यूनिवर्सिटी से जुड़े ऑटोनॉमस कॉलेजों में पढ़ रहे हैं। इन कॉलेजों ने 2023-24 के सेशन से NEP प्रोग्राम शुरू किया था, इसलिए अप्रैल-मई में अपना तीसरा साल पूरा करने वाले छात्र इस डिग्री के हकदार होंगे। पहले जो छात्र चार साल का BE या BTech कोर्स पूरा नहीं कर पाते थे, उन्हें ‘ड्रॉपआउट’ माना जाता था, लेकिन अब उनके पास एक मान्यता प्राप्त ग्रेजुएशन डिग्री होगी।
डिग्री के नियम और अन्य विकल्प क्या हैं
यूनिवर्सिटी ने इस डिग्री का नाम ‘BSc (Tech Engineering)’ तय किया है। इसके अलावा NEP के तहत कुछ और विकल्प भी दिए गए हैं:
- 2 साल की पढ़ाई पूरी करने पर छात्र को डिप्लोमा मिलेगा।
- 3 साल पूरे करने पर BSc (Tech Engineering) की डिग्री मिलेगी।
- पूरा कोर्स करने पर BE या BTech की डिग्री मिलेगी।
क्या नौकरी मिलने में होगी कोई दिक्कत
इस बदलाव का स्वागत तो किया गया है, लेकिन कुछ जानकारों ने चिंता भी जताई है। Dwarkadas J Sanghvi कॉलेज के प्रिंसिपल हरि वासुदेवन ने बताया कि अभी बहुत से छात्रों को NEP के फायदों की पूरी जानकारी नहीं है। साथ ही, यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या कंपनियां और इंडस्ट्री तीन साल वाली इस BSc डिग्री को चार साल वाली इंजीनियरिंग डिग्री के बराबर मानेंगी और नौकरी देंगी।