Mumbai University में BCom पेपर लीक मामला, CID जांच पर फिलहाल रोक; पुलिस रिपोर्ट का इंतज़ार
Maharashtra: मुंबई यूनिवर्सिटी के BCom पेपर लीक मामले में एक नया मोड़ आया है। यूनिवर्सिटी की मैनेजमेंट काउंसिल ने फिलहाल इस मामले की CID जांच कराने के फैसले को टाल दिया है। यह फैसला उस वक्त लिया गया जब कुछ दिन पहले ही उच
Maharashtra: मुंबई यूनिवर्सिटी के BCom पेपर लीक मामले में एक नया मोड़ आया है। यूनिवर्सिटी की मैनेजमेंट काउंसिल ने फिलहाल इस मामले की CID जांच कराने के फैसले को टाल दिया है। यह फैसला उस वक्त लिया गया जब कुछ दिन पहले ही उच्च शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने विधानसभा परिषद में CID जांच का ऐलान किया था।
काउंसिल की मीटिंग में यह तय हुआ कि पहले पुलिस की जांच रिपोर्ट का इंतज़ार किया जाएगा। यूनिवर्सिटी के एक अधिकारी ने बताया कि इस मुद्दे पर अगली मीटिंग में फिर से चर्चा होगी। मीटिंग के दौरान एक सरकारी पत्र भी पढ़ा गया, जिसमें यह साफ था कि CID जांच का फैसला लेने का अधिकार मैनेजमेंट काउंसिल के पास ही है।
बता दें कि यह पूरा मामला अप्रैल 2026 का है, जब TY BCom सेमेस्टर 6 की परीक्षाओं के दौरान तीन विषयों के पेपर लीक होने की खबर आई थी। आरोप है कि 10 से 15 अप्रैल के बीच प्रश्न पत्र बाहर सर्कुलेट हुए थे। शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने 26 जून को सख्त कार्रवाई का भरोसा देते हुए CID जांच के आदेश दिए थे।
इस बीच, यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ओपन एजुकेशन (CDOE) को पेपर लीक का मुख्य केंद्र माना जा रहा है। हालांकि, काउंसिल की बैठक में CDOE के हेड के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई, इस पर कोई जवाब नहीं दिया गया।
यूनिवर्सिटी के इस फैसले से छात्र नाराज हैं। ABVP के कार्यकर्ताओं ने कुलपति के ऑफिस के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों की मांग है कि मामले की तुरंत CID जांच हो और दोषियों के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज किया जाए। उनका कहना है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन इस गंभीर मामले में चुप्पी साधे हुए है।