Mumbai University ने 30 B.Ed कॉलेजों की मान्यता रोकी, अब इन संस्थानों में नहीं होंगे एडमिशन
Maharashtra: मुंबई यूनिवर्सिटी ने नए शैक्षणिक सत्र से पहले एक बड़ा कदम उठाते हुए 30 B.Ed कॉलेजों की मान्यता खत्म कर दी है। ये कॉलेज पढ़ाई और बुनियादी सुविधाओं के जरूरी नियमों को पूरा नहीं कर पाए थे, जिसकी वजह से अब इस सा
Maharashtra: मुंबई यूनिवर्सिटी ने नए शैक्षणिक सत्र से पहले एक बड़ा कदम उठाते हुए 30 B.Ed कॉलेजों की मान्यता खत्म कर दी है। ये कॉलेज पढ़ाई और बुनियादी सुविधाओं के जरूरी नियमों को पूरा नहीं कर पाए थे, जिसकी वजह से अब इस साल इनमें छात्रों का एडमिशन नहीं हो पाएगा।
यूनिवर्सिटी ने यह फैसला क्वालिटी कंट्रोल को बेहतर बनाने के लिए लिया है। जांच में पाया गया कि कई कॉलेजों ने अब तक फुल-टाइम प्रिंसिपल और योग्य फैकल्टी की नियुक्ति नहीं की है। ये संस्थान स्थायी शिक्षकों के बजाय कॉन्ट्रैक्ट और अस्थायी शिक्षकों के भरोसे चल रहे थे, जो तय नियमों के मुताबिक योग्य नहीं थे। इसके अलावा कॉलेजों में बुनियादी ढांचे यानी इंफ्रास्ट्रक्चर की भी भारी कमी मिली है।
हैरानी की बात यह है कि पिछले साल 2025 में राज्य सरकार ने इन कॉलेजों की कमियों को सुधारने के लिए छह महीने का समय दिया था। उस वक्त 1 लाख रुपये जुर्माना भरने के बाद इन्हें काम जारी रखने की अनुमति मिली थी, लेकिन एक साल बाद भी करीब 30 कॉलेज इन शर्तों को पूरा नहीं कर सके। यूनिवर्सिटी अधिकारियों का कहना है कि यह मामला सिर्फ कागजी कार्रवाई का नहीं है, बल्कि कई कॉलेज बिना जरूरी मानक पूरे किए छात्रों से भारी फीस वसूल रहे थे।
इस फैसले का सीधा असर उन छात्रों पर पड़ेगा जो टीचर ट्रेनिंग करना चाहते हैं, क्योंकि अब सीटों की कुल संख्या कम हो जाएगी। समय भी बहुत कम है क्योंकि कॉलेजों को 10 जुलाई 2026 तक State CET Cell को अपनी मान्यता का सर्टिफिकेट जमा करना था, ताकि वे एडमिशन के पहले राउंड में हिस्सा ले सकें। अब ये 30 कॉलेज इस प्रक्रिया से बाहर हो गए हैं।