Mumbai में भारी बारिश से मचा हाहाकार, 5 दिन में गिरे 550 से ज्यादा पेड़, 3 लोगों की मौत

Maharashtra: मुंबई में मानसून की भारी बारिश और तेज हवाओं ने तबाही मचाई है। पिछले पांच दिनों में शहर में 550 से ज्यादा पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आई हैं, जिसमें तीन लोगों की जान चली गई। प्रशासन ने शहर में ‘Red Alert

Maharashtra: मुंबई में मानसून की भारी बारिश और तेज हवाओं ने तबाही मचाई है। पिछले पांच दिनों में शहर में 550 से ज्यादा पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आई हैं, जिसमें तीन लोगों की जान चली गई। प्रशासन ने शहर में ‘Red Alert’ जारी किया है और लोगों से घरों के अंदर रहने की अपील की है।

1 जुलाई से 5 जुलाई के बीच कुल 559 पेड़ गिरे, जिनमें से अकेले पिछले 24 घंटों में 203 मामले दर्ज हुए। रविवार को 10 घंटे के भीतर 202 पेड़ और उनकी टहनियां धराशायी हो गईं। इस दौरान हवा की रफ्तार 72 से 79 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई, जो सामान्य मानसून हवाओं से तीन गुना ज्यादा थी। इन हादसों में चेंबूर में स्कूल बस पर पेड़ गिरने से 11 साल के विहान श्रीवास्तव, कुर्ला में दुकान पर पेड़ गिरने से 63 साल के यूनुस कुंडावाला और आरे कॉलोनी में मोटरसाइकिल सवार 18 साल के कुमार हसन रजा की मौत हो गई।

सोमवार सुबह मुलुंड रेलवे स्टेशन (वेस्ट) के पास एक बड़ा पेड़ गिरने से ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया, जिसे हटाने के लिए BMC और ट्रैफिक पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुंबई की मेयर रितु तावडे ने लोगों को पेड़ों से दूर रहने और गाड़ियां सुरक्षित जगह पार्क करने की सलाह दी है। उन्होंने पीड़ित परिवार के लिए 5 लाख रुपये मुआवजे का भी ऐलान किया है। वहीं, मुंबई यूनिवर्सिटी ने सोमवार को होने वाली सभी परीक्षाएं टाल दी हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि सड़कों के कंक्रीटीकरण ने इस संकट को और बढ़ाया है। BMC के 17,000 करोड़ रुपये के रोड कंक्रीटीकरण प्रोजेक्ट की वजह से पेड़ों की जड़ों को पर्याप्त जगह और हवा नहीं मिल पा रही है। कंक्रीट की वजह से जड़ों का फैलाव रुक गया है और पानी सोखने की क्षमता कम हो गई है, जिससे पेड़ कमजोर होकर गिर रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर 2023 से मार्च 2026 के बीच मुंबई ट्री अथॉरिटी ने जड़ों को नुकसान पहुंचाने के लिए BMC के रोड विभाग और अन्य एजेंसियों को 428 नोटिस जारी किए। जांच में पाया गया कि शहर के करीब 80 प्रतिशत पेड़ कंक्रीट या डामर से घिरे हुए हैं।

हालांकि, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने 2013 में निर्देश दिया था कि हर पेड़ के चारों ओर एक मीटर का बफर जोन रखा जाए। साथ ही 2019 में केंद्र सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर पेड़ों के आसपास 6×6 मीटर का क्षेत्र गैर-कंक्रीट रखने को कहा था। BMC अधिकारियों ने माना है कि इन नियमों का अक्सर उल्लंघन होता है। अब म्युनिसिपल कमिश्नर अश्विनी भिड़े ने शहर के सभी पेड़ों के आधार से कंक्रीट स्लैब हटाने के निर्देश दिए हैं। महाराष्ट्र सरकार ने नवंबर 2025 में एक नई नीति भी लागू की है, जिसमें सार्वजनिक प्रोजेक्ट्स के लिए स्थानीय प्रजातियों के 12 फीट ऊंचे पौधे लगाने और उन्हें सात साल तक जीवित रखने का प्रावधान है।