Mumbai में पेड़ गिरने से 11 साल के बच्चे की मौत, मंत्री के बयान पर मचा बवाल, BMC अधिकारी सस्पेंड
Maharashtra/Mumbai: मुंबई के चेंबूर इलाके में एक बड़ा हादसा हुआ जहां स्कूल बस पर पेड़ गिरने से 11 साल के छात्र विहान श्रीवास्तव की जान चली गई। इस घटना के बाद महाराष्ट्र के सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट के एक बयान ने व
Maharashtra/Mumbai: मुंबई के चेंबूर इलाके में एक बड़ा हादसा हुआ जहां स्कूल बस पर पेड़ गिरने से 11 साल के छात्र विहान श्रीवास्तव की जान चली गई। इस घटना के बाद महाराष्ट्र के सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट के एक बयान ने विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने शुरुआत में कहा था कि पेड़ गिरना एक प्राकृतिक घटना है, जिस पर लोगों और विपक्षी नेताओं ने कड़ी नाराजगी जताई है।
यह हादसा 30 जून 2026 को दोपहर करीब 2:50 से 3:00 बजे के बीच हुआ। Universal High School की बस में 13 बच्चे सवार थे, तभी करीब 70 साल पुराना एक पीपल का पेड़ बस के ऊपर गिर गया। इस हादसे में विहान की मौत हो गई और चार अन्य बच्चे घायल हुए, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।
मंत्री संजय शिरसाट ने पहले कहा था कि पेड़ का गिरना प्राकृतिक है और शायद तेज हवाओं की वजह से ऐसा हुआ होगा। हालांकि, जब उनकी आलोचना हुई तो उन्होंने अपना बयान स्पष्ट करते हुए कहा कि उनके शब्दों को गलत समझा गया। उन्होंने माना कि नागरिक निकायों को मानसून से पहले पेड़ों की छंटाई और खतरनाक पेड़ों को हटाने जैसे जरूरी कदम उठाने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार इस मामले पर विधानसभा में बयान देगी।
हादसे के बाद BMC ने सख्त कदम उठाते हुए असिस्टेंट गार्डन सुपरिंटेंडेंट जगदीश भोयर को लापरवाही के आरोप में तुरंत सस्पेंड कर दिया है। मुंबई मेयर रितु तावड़े ने भी अलग से जांच के आदेश दिए हैं और कहा है कि अगर लापरवाही साबित हुई तो कड़ी कार्रवाई होगी। बीएमसी ने एक हाई-लेवल कमेटी बनाई है जिसे 8 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देनी होगी।
बीएमसी के मुताबिक, जिस पीपल के पेड़ के गिरने से हादसा हुआ, उसकी मई 2026 में जांच की गई थी और उसे स्थिर पाया गया था। 29 मई को उसकी छंटाई भी की गई थी। बीएमसी का दावा है कि उन्होंने 2026 में मानसून की तैयारी के लिए 1 लाख से ज्यादा पेड़ों की छंटाई की और 468 खतरनाक पेड़ों को हटाया था। वहीं, विपक्षी नेता नाना पटोले और क्लाइड क्रास्टो ने मंत्री के शुरुआती बयान को असंवेदनशील और अहंकारी बताया है।
इस घटना के अगले ही दिन बुधवार को घाटकोपर में भी एक पेड़ गिरने की खबर आई, जिससे मुंबई में मानसून की तैयारियों और पेड़ों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।