Maharashtra: मुंबई को और हरा-भरा बनाने के लिए BMC ने एक बड़ा कदम उठाया है। शहर में करीब 8 साल बाद पेड़ों की पहली बड़ी गिनती (Tree Census) शुरू की गई है। इसके लिए 64 बोटनिस्ट टीमों को लगाया गया है जो सार्वजनिक और निजी दोन
Maharashtra: मुंबई को और हरा-भरा बनाने के लिए BMC ने एक बड़ा कदम उठाया है। शहर में करीब 8 साल बाद पेड़ों की पहली बड़ी गिनती (Tree Census) शुरू की गई है। इसके लिए 64 बोटनिस्ट टीमों को लगाया गया है जो सार्वजनिक और निजी दोनों जगहों पर जाकर पेड़ों का हिसाब लगा रही हैं। इस पूरी प्रक्रिया में करीब डेढ़ से दो साल का समय लग सकता है।
पेड़ों की गिनती के लिए क्या नियम तय किए गए हैं?
सर्वे करने वाली टीमें हर पेड़ को नहीं गिन रही हैं। इसके लिए BMC ने कुछ शर्तें रखी हैं। केवल वही पेड़ गिने जाएंगे जिनकी छाती की ऊंचाई पर घेरा (Girth) कम से कम 3 सेंटीमीटर हो या जिनकी ऊंचाई कम से कम 2.5 मीटर हो। सर्वे के दौरान पेड़ की ऊंचाई, घेरा, प्रजाति, स्वास्थ्य और उसकी लोकेशन जैसी जानकारियां जुटाई जा रही हैं। इसके लिए ‘Treecotech’ नाम के एक खास ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा है।
कहां-कहां होगा सर्वे और कौन कर रहा है यह काम?
यह सर्वे केवल सरकारी बगीचों तक सीमित नहीं है। इसमें हाउसिंग सोसायटियों, प्राइवेट कैंपस, डिफेंस एरिया और एयरपोर्ट जैसे प्रतिबंधित इलाकों के पेड़ों को भी शामिल किया गया है। इस काम के लिए SAAR IT Resources Pvt Ltd नाम की एजेंसी को नियुक्त किया गया है। BMC के गार्डन्स सुपरिंटेंडेंट जितेंद्र परदेसी ने बताया कि मियावाकी फॉरेस्ट और नए प्लांटेशन की वजह से शहर में पेड़ों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। बड़े पेड़ों को ट्रैक करने के लिए उन्हें QR कोड और यूनिक आईडी भी दिए जाएंगे।
पिछला सर्वे कब हुआ था और क्यों हुई देरी?
मुंबई में आखिरी बार पेड़ों की गिनती साल 2018 में हुई थी, जिसमें आरे कॉलोनी समेत करीब 33.7 लाख पेड़ मिले थे। नियम के मुताबिक हर पांच साल में यह गिनती होनी चाहिए, लेकिन COVID-19 महामारी की वजह से इसमें देरी हुई। अब महाराष्ट्र ट्री अथॉरिटी और BMC मिलकर शहर की इकोलॉजी को समझने और पेड़ों के संरक्षण के लिए यह डेटा जुटा रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई में पेड़ों की गिनती का काम कब शुरू हुआ और कब तक चलेगा?
पेड़ों की गिनती का काम फरवरी 2026 में शुरू हुआ था। इस पूरी प्रक्रिया को पूरा होने में लगभग 1.5 से 2 साल का समय लगने का अनुमान है।
सर्वे में किन पेड़ों को शामिल किया जा रहा है?
केवल उन्हीं पेड़ों को गिना जा रहा है जिनकी ऊंचाई कम से कम 2.5 मीटर है या जिनकी छाती की ऊंचाई पर घेरा (Girth) कम से कम 3 सेंटीमीटर है।