Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) को भारत का सबसे बड़ा डेटा सेंटर हब बनाने की तैयारी में है। इस डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के लिए कुल ₹16.7 लाख करोड़ के निवेश की योजना है। मुख्यमंत्री देवे
Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) को भारत का सबसे बड़ा डेटा सेंटर हब बनाने की तैयारी में है। इस डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के लिए कुल ₹16.7 लाख करोड़ के निवेश की योजना है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मुताबिक, प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद भारत के 60% डेटा सेंटर इसी इलाके में होंगे, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए करीब 1.46 लाख डायरेक्ट नौकरियां पैदा होंगी।
डेटा सेंटर कंपनियों को क्या फायदे और रियायतें मिलेंगी?
सरकार ने 2023 की आईटी पॉलिसी के तहत कंपनियों को कई बड़ी छूट दी हैं। नई यूनिट्स के लिए जमीन खरीदने पर स्टैम्प ड्यूटी में 100% की छूट मिलेगी। इसके अलावा, इन सेंटर्स को ‘अनिवार्य सेवा’ का दर्जा दिया गया है और इन्हें 24×7 बिजली की सप्लाई सुनिश्चित की जाएगी। जो यूनिट्स जोन-1 से बाहर होंगी, उन्हें पांच साल तक प्रति यूनिट 1 रुपये की बिजली सब्सिडी भी मिलेगी।
कौन सी बड़ी कंपनियां कर रही हैं निवेश?
| कंपनी का नाम |
निवेश राशि |
प्रोजेक्ट की जानकारी |
| AirTrunk |
₹2 लाख करोड़ |
रायगढ़ पेन ग्रोथ सेंटर में 3 GW क्षमता का प्रोजेक्ट |
| Brep Asia III |
₹2 लाख करोड़ |
इंटीग्रेटेड ग्रीन डेटा सेंटर प्रोजेक्ट (2 GW) |
| Amazon Web Services |
₹65,000 करोड़ |
तलोजा (नवी मुंबई) में बड़ा सेंटर और पालावा में जमीन खरीदी |
| Lodha Developers |
₹1.3 लाख करोड़ |
पालवा में ग्रीन डेटा सेंटर पार्क का विकास |
| STT Global |
₹282 करोड़ |
नवी मुंबई में इंडस्ट्रियल प्रॉपर्टी का अधिग्रहण |
प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति और चुनौतियां क्या हैं?
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, कुल 44 मेगा प्रोजेक्ट्स में से 20 चालू हो चुके हैं। 28 प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है जिनकी कीमत ₹7.77 लाख करोड़ है, जबकि 16 प्रोजेक्ट्स अभी प्लानिंग स्टेज में हैं। हालांकि, इतनी बड़ी संख्या में सेंटर्स के लिए बिजली और पानी की भारी जरूरत होगी। अनुमान है कि इन सेंटर्स को रोजाना करीब 856 मिलियन लीटर पानी की आवश्यकता पड़ेगी, जिसके लिए MIDC और बिजली विभाग जरूरी इंतजाम कर रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई में डेटा सेंटर प्रोजेक्ट से कितने लोगों को नौकरी मिलेगी?
महाराष्ट्र सरकार के अनुमान के अनुसार, इन डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स के जरिए राज्य में 1.46 लाख से ज्यादा डायरेक्ट नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।
डेटा सेंटर कंपनियों के लिए बिजली और जमीन के क्या नियम हैं?
कंपनियों को जमीन की खरीद पर 100% स्टैम्प ड्यूटी छूट मिलेगी और उन्हें 24×7 बिजली की गारंटी दी गई है। जोन-1 के बाहर की यूनिट्स को 5 साल तक 1 रुपये प्रति यूनिट की बिजली सब्सिडी मिलेगी।