Mumbai और Thane में अवैध राजनीतिक बैनरों का आतंक, हादसे के बाद सरकार ने दिए हटाने के सख्त आदेश

Maharashtra: मुंबई और ठाणे में अवैध होर्डिंग्स और बैनरों की वजह से आम लोगों की जान जोखिम में है। हाल ही में ठाणे में एक राजनीतिक नेता का बर्थडे बैनर फुट ओवरब्रिज से गिरकर एक बाइक सवार के पास गिरा, जिससे बड़ा हादसा होते-ह

Maharashtra: मुंबई और ठाणे में अवैध होर्डिंग्स और बैनरों की वजह से आम लोगों की जान जोखिम में है। हाल ही में ठाणे में एक राजनीतिक नेता का बर्थडे बैनर फुट ओवरब्रिज से गिरकर एक बाइक सवार के पास गिरा, जिससे बड़ा हादसा होते-होते बचा। इससे पहले 6 जुलाई को पोखरण रोड पर एक बड़ा होर्डिंग गिर गया था। इन घटनाओं ने प्रशासन की लापरवाही को एक बार फिर सबके सामने ला दिया है।

इन हादसों के बाद डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने ठाणे नगर निगम (TMC) को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने शहर के सभी बड़े होर्डिंग्स का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने और बिना अनुमति लगे सभी बैनरों को तुरंत हटाने को कहा है। सरकार ने साफ किया है कि अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसी के तहत 14 जुलाई की रात से ठाणे प्रशासन ने शहर भर में बैनर हटाने का अभियान शुरू कर दिया है।

प्रशासन ने इस मामले में अब एफआईआर (FIR) भी दर्ज कराई है। एक केस उस अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ है जिसने बर्थडे बैनर लगाया था, जबकि दूसरा केस एक एडवरटाइजिंग एजेंसी और उसके स्ट्रक्चरल इंजीनियर के खिलाफ दर्ज किया गया है।

मुंबई नगर निगम (BMC) के आंकड़े बताते हैं कि शहर में लगने वाले अवैध विज्ञापनों में सबसे बड़ी हिस्सेदारी राजनीतिक बैनरों की है। जनवरी से मई 2026 के बीच हटाए गए 20,799 अवैध पोस्टरों में से करीब 48% यानी 9,954 राजनीतिक थे। साल 2025 में भी करीब 42% अवैध डिस्प्ले राजनीतिक पार्टियों के थे।

सुरक्षा को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने 3 जुलाई 2026 से वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे (WEH) पर सभी LED होर्डिंग्स को स्थायी रूप से बंद करने का आदेश दिया है। अब हर होर्डिंग पर एक QR कोड लगाना जरूरी होगा, जिससे कोई भी आम नागरिक या अधिकारी उसकी अनुमति, मालिक का नाम और मजबूती की जानकारी चेक कर सकेगा।

यह मामला काफी गंभीर है क्योंकि मई 2024 में घाटकोपर में एक अवैध होर्डिंग गिरने से 17 लोगों की मौत हो गई थी। नियम के मुताबिक होर्डिंग का साइज 40×40 फीट होना चाहिए, लेकिन घाटकोपर वाला होर्डिंग 120×120 फीट का था। बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी बार-बार निर्देश दिए हैं कि अवैध बैनरों को हटाया जाए और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।