Mumbai, Thane में भारी बारिश से हाहाकार, 100 से ज्यादा पेड़ गिरे, 2 लोगों की मौत

Maharashtra: मुंबई और ठाणे में पिछले 24 घंटों से हो रही लगातार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस भारी बारिश की वजह से अब तक दो लोगों की जान जा चुकी है और शहर के कई हिस्सों में पानी भर गया है। BMC और आपदा प्रबंधन

Maharashtra: मुंबई और ठाणे में पिछले 24 घंटों से हो रही लगातार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस भारी बारिश की वजह से अब तक दो लोगों की जान जा चुकी है और शहर के कई हिस्सों में पानी भर गया है। BMC और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार फील्ड पर तैनात हैं और आपातकालीन कॉल का जवाब दे रही हैं।

बारिश का असर इतना ज्यादा था कि मुंबई में कुल 90 पेड़ और उनकी टहनियां गिरीं। इनमें से 36 घटनाएं आइलैंड सिटी, 23 पूर्वी उपनगरों और 31 पश्चिमी उपनगरों में हुईं। ठाणे के कल्याण-डोंबिवली इलाके में भी 18 से ज्यादा पेड़ उखड़ गए, जिससे कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। ठाणे के वागले एस्टेट में एक पेड़ गिरने से 52 साल का एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया और 11 गाड़ियां दब गईं।

इस आपदा में दो दर्दनाक मौतें दर्ज की गईं। चेंबूर में एक स्कूल बस पर पीपल का पेड़ गिरने से 11 साल के बच्चे की मौत हो गई, जबकि दक्षिण मुंबई में बालकनी गिरने से एक व्यक्ति की जान चली गई। इसके अलावा कुर्ला वेस्ट के बुद्ध कॉलोनी में मामूली लैंडस्लाइड हुआ, जिसके बाद कई परिवारों को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला गया।

शहर के कई निचले इलाकों जैसे BKC, वडाला, वर्ली, अंधेरी और कुर्ला में भारी जलजमाव देखा गया। अंधेरी सबवे में करीब पांच फीट पानी भरने के कारण इसे बंद करना पड़ा। लोकल ट्रेनों की रफ्तार भी धीमी रही और हार्बर लाइन पर बिजली के तार (OHE) में खराबी आने से यात्रियों को काफी परेशानी हुई। ट्रैफिक की हालत भी खराब रही, खासकर सांताक्रूज ईस्ट में वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर लंबा जाम लगा रहा।

बिजली व्यवस्था पर भी असर पड़ा और मुंबई में शॉर्ट-सर्किट की 30 शिकायतें आईं। डोंबिवली MIDC इलाके में हाई-टेंशन लाइन पर पेड़ गिरने से बिजली गुल हो गई। बारिश के आंकड़ों की बात करें तो पूर्वी उपनगरों में 109 mm, पश्चिमी उपनगरों में 87 mm और आइलैंड सिटी में 86 mm बारिश दर्ज की गई।

IMD ने मुंबई, ठाणे और पालघर के लिए Red Alert जारी किया है, जबकि कोंकण क्षेत्र के लिए 4 जुलाई तक Orange Alert प्रभावी है। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलें और जलजमाव वाले इलाकों से दूर रहें। इस बीच, कांग्रेस नेता नाना पटोले ने सरकार की मानसून तैयारियों की आलोचना करते हुए कहा कि यह तैयारी सिर्फ कागजों पर थी।