Mumbai, Thane समेत कई जिलों में भारी बारिश का Orange Alert, IMD ने दी चेतावनी
Maharashtra: मुंबई और ठाणे समेत आसपास के इलाकों में मानसून ने जोर पकड़ लिया है। मौसम विभाग (IMD) ने बुधवार, 1 जुलाई से शनिवार, 4 जुलाई तक मुंबई, ठाणे और पालघर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कई जगहों पर भारी से
Maharashtra: मुंबई और ठाणे समेत आसपास के इलाकों में मानसून ने जोर पकड़ लिया है। मौसम विभाग (IMD) ने बुधवार, 1 जुलाई से शनिवार, 4 जुलाई तक मुंबई, ठाणे और पालघर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जिससे आम जनजीवन पर असर पड़ सकता है।
मौसम विभाग के मुताबिक, मुंबई में बादल छाए रहेंगे और गरज के साथ भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा रायगढ़ के लिए गुरुवार, 2 जुलाई को रेड अलर्ट जारी किया गया है, जिसका मतलब है कि वहां बेहद भारी बारिश हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बन रहे कम दबाव के क्षेत्र की वजह से 3 जुलाई के आसपास मध्य भारत और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में मानसून फिर से सक्रिय हो जाएगा।
बीते 24 घंटों में मुंबई और उसके उपनगरों में काफी बारिश हुई है। इससे शहर के कई इलाकों जैसे वडाला और अंधेरी सबवे में पानी भर गया, जिससे ट्रैफिक की समस्या हुई। परिवहन सेवाओं पर भी असर पड़ा और सेंट्रल व वेस्टर्न रेलवे की लोकल ट्रेनों में देरी दर्ज की गई। हारबर लाइन पर ओवरहेड तार टूटने की वजह से सुबह करीब एक घंटे तक सेवाएं बाधित रहीं।
भारी बारिश के कारण कुछ दुखद घटनाएं भी सामने आईं। 30 जून को मुंबई के वॉकेश्वर में बालकनी का स्लैब गिरने से एक 51 साल के व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं ठाणे में पेड़ों के गिरने से एक राहगीर घायल हुआ और करीब 14 गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं।
| क्षेत्र | अलर्ट का प्रकार | संभावित असर |
|---|---|---|
| मुंबई, ठाणे, पालघर | Orange Alert | भारी बारिश, ट्रैफिक जाम और बिजली कटौती की संभावना |
| रायगढ़ | Red Alert | अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी |
| रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग | Orange Alert | मध्यम से तीव्र बारिश के दौर |
एक तरफ जहां अभी बारिश तेज है, वहीं IMD के मासिक अनुमान के अनुसार जुलाई महीने में कुल बारिश सामान्य से कम रहने की उम्मीद है। जून के महीने में भी मुंबई के कोलाबा और संताक्रूज केंद्रों पर बारिश की भारी कमी देखी गई थी। फिलहाल मुंबई को पानी सप्लाई करने वाली सात झीलों में जल स्तर कुल क्षमता का केवल 6.93% ही बचा है।