Maharashtra: भारतीय संगीत जगत की मशहूर प्लेबैक सिंगर Suman Kalyanpur का 89 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने 31 मई 2026 की शाम उम्र से जुड़ी बीमारियों की वजह से आखिरी सांस ली। 1 जून को मुंबई में उनका अंतिम संस्कार कि
Maharashtra: भारतीय संगीत जगत की मशहूर प्लेबैक सिंगर Suman Kalyanpur का 89 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने 31 मई 2026 की शाम उम्र से जुड़ी बीमारियों की वजह से आखिरी सांस ली। 1 जून को मुंबई में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां महाराष्ट्र सरकार के आदेश पर उन्हें पूर्ण राजकीय सम्मान (Full State Honours) दिया गया।
Suman Kalyanpur का अंतिम संस्कार कैसे हुआ?
Suman Kalyanpur का अंतिम संस्कार मुंबई के सांताक्रूज (पवन हंस) श्मशान घाट पर किया गया। उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटा गया था और मुंबई पुलिस के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया, जिसमें तीन राउंड फायरिंग की गई। उनकी बेटी Charu Agny ने अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कीं। इस मौके पर बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी फूल चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
दिग्गज नेताओं ने कैसे जताया दुख?
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने उनके निधन पर गहरा दुख जताते हुए उनकी सुरीली आवाज और सांस्कृतिक प्रभाव को याद किया। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने उनकी आवाज को भारतीय संगीत का अनमोल खजाना बताया, वहीं उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde ने कहा कि उनके गाने हमेशा संगीत की दुनिया में गूंजते रहेंगे। राज्यपाल Jishnu Dev Varma और NCP-SCP प्रमुख Sharad Pawar ने भी इसे संगीत के एक स्वर्ण युग का अंत बताया।
Suman Kalyanpur के सम्मान में कौन-कौन शामिल था?
राजकीय सम्मान के दौरान महाराष्ट्र सरकार के कई बड़े अधिकारी मौजूद रहे। इनमें सांस्कृतिक मामलों के विभाग के मुख्य सचिव डॉ. किरण कुलकर्णी और अंधेरी राजस्व विभाग की प्रमुख स्नेहलता स्वामी शामिल थीं। केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari ने भी उनके निधन को भारतीय संगीत जगत के लिए एक बड़ी क्षति बताया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Suman Kalyanpur का निधन कब और कैसे हुआ?
Suman Kalyanpur का निधन 31 मई 2026 की शाम को 89 वर्ष की आयु में हुआ। उनकी मृत्यु उम्र से संबंधित बीमारियों के कारण हुई थी।
उनका अंतिम संस्कार कहां हुआ और क्या सम्मान मिला?
उनका अंतिम संस्कार मुंबई के सांताक्रूज (पवन हंस) श्मशान घाट पर हुआ। उन्हें महाराष्ट्र सरकार द्वारा पूर्ण राजकीय सम्मान दिया गया, जिसमें तिरंगा और पुलिस सलामी शामिल थी।