Maharashtra: मुंबई के महालक्ष्मी इलाके में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों के लिए एक बड़ी राहत आई है। King George V Memorial Trust ने अपने ‘Sukoon Nilaya Palliative Care Centre’ के तहत एक अलग पीडियाट्रिक (ब
Maharashtra: मुंबई के महालक्ष्मी इलाके में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों के लिए एक बड़ी राहत आई है। King George V Memorial Trust ने अपने ‘Sukoon Nilaya Palliative Care Centre’ के तहत एक अलग पीडियाट्रिक (बच्चों का) यूनिट शुरू किया है। 15 मई 2026 को शुरू हुए इस केंद्र का मकसद उन बच्चों को बेहतर देखभाल देना है जिनकी बीमारियों का इलाज मुश्किल है।
इस सेंटर में किन बच्चों का इलाज होगा और क्या सुविधाएं मिलेंगी
यहाँ 1 साल से लेकर 18 साल तक के बच्चों को भर्ती किया जाएगा। इसमें कैंसर के अलावा अन्य गंभीर बीमारियों जैसे दिमागी विकार (Meningitis, Cerebral Palsy), सांस की तकलीफ (Asthma), किडनी, दिल और पेट की बीमारियों से पीड़ित बच्चों का इलाज होगा। सेंटर में इलाज के साथ-साथ फिजियोथेरेपी, काउंसलिंग और रिहैबिलिटेशन की सुविधा मुफ्त दी जाएगी।
परिवारों और देखभाल करने वालों के लिए क्या खास है
बीमार बच्चे की देखभाल करने वाले माता-पिता या परिजनों के लिए यहाँ खास इंतजाम हैं। उन्हें घर पर बच्चे की देखभाल करने की ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही, देखभाल के दौरान होने वाले मानसिक तनाव को कम करने के लिए ग्रुप थेरेपी, योग और काउंसलिंग की सुविधा मिलेगी। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद भी टेलीकंसल्टेशन और होम केयर के जरिए मदद जारी रहेगी।
एडमिशन के नियम और सरकारी दिशा-निर्देश
इस सेंटर में भर्ती होने के लिए डॉक्टर का रेफरल होना जरूरी है और मरीज के साथ एक अटेंडेंट का होना अनिवार्य है। खास बात यह है कि यहाँ भर्ती के लिए कोई इनकम लिमिट नहीं रखी गई है। ट्रस्ट के चेयरमैन Dr. Eric Borges ने बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने 4 फरवरी 2026 को स्टेट पैलिएटिव केयर प्रोग्राम को मंजूरी दी थी, जिसमें बच्चों की देखभाल और होम-बेस्ड केयर पर जोर दिया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Sukoon Nilaya Palliative Care Centre में कौन से बच्चों का इलाज हो सकता है
यहाँ 1 से 18 साल के बच्चे भर्ती हो सकते हैं जिन्हें न्यूरोलॉजिकल विकार, सांस की गंभीर बीमारी, किडनी, दिल या पेट से जुड़ी गंभीर समस्याएं हैं।
क्या इस सेंटर में इलाज के लिए कोई फीस देनी होगी
नहीं, यहाँ इलाज, फिजियोथेरेपी और काउंसलिंग जैसी सुविधाएं मुफ्त दी जा रही हैं और एडमिशन के लिए कोई आय सीमा (Income restriction) नहीं है।