Mumbai में झुग्गियों का होगा कायाकल्प, 2030 तक SRA बनाएगा 5 लाख से ज्यादा घर

Maharashtra: मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में रहने वाले लाखों झुग्गीवासियों के लिए बड़ी खबर है। Slum Rehabilitation Authority (SRA) ने साल 2030 तक कुल 5,09,873 पुनर्वास घर बनाने का बड़ा लक्ष्य रखा है। इस योजना का मकसद श

Maharashtra: मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में रहने वाले लाखों झुग्गीवासियों के लिए बड़ी खबर है। Slum Rehabilitation Authority (SRA) ने साल 2030 तक कुल 5,09,873 पुनर्वास घर बनाने का बड़ा लक्ष्य रखा है। इस योजना का मकसद शहर में रुके हुए और चल रहे स्लम पुनर्विकास प्रोजेक्ट्स की रफ्तार को बढ़ाना है।

SRA के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Mahendra Kalyankar ने आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय और Niti Aayog द्वारा आयोजित एक राष्ट्रीय सम्मेलन में इन लक्ष्यों की जानकारी दी। सरकार का प्लान साल दर साल घरों की संख्या बढ़ाने का है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को पक्के मकान मिल सकें।

समय सीमा घरों का लक्ष्य
दिसंबर 2026 तक 90,264
दिसंबर 2027 तक 1,48,219
दिसंबर 2028 तक 2,44,356
दिसंबर 2029 तक 3,61,026
दिसंबर 2030 तक 5,09,873

पुनर्वास घरों के लिए पात्रता के नियम भी तय किए गए हैं। 1 जनवरी 2000 से पहले के मकानों में रहने वालों को 300 वर्ग फुट का घर मुफ्त मिलेगा। वहीं, 1 जनवरी 2000 से 1 जनवरी 2011 के बीच बने पात्र मकानों में रहने वालों को 2.50 लाख रुपये देने पर 300 वर्ग फुट का घर मिलेगा।

प्रशासन ने क्लस्टर पुनर्विकास नीति पर भी जोर दिया है, जिसमें कम से कम 50 एकड़ की जमीन होनी चाहिए और वहां 51% हिस्सा झुग्गियों का होना चाहिए। इस काम में MMRDA, MHADA और CIDCO जैसी संस्थाएं भी साझेदारी करेंगी। इसके अलावा, पारदर्शिता बढ़ाने के लिए मई 2024 से 22 डिजिटल सेवाएं शुरू की गई हैं, जिससे अब प्रोजेक्ट की ट्रैकिंग और शिकायतें ऑनलाइन दर्ज की जा सकेंगी।

वहीं, धारावी पुनर्विकास प्रोजेक्ट का काम Adani Navbharat Developers Pvt. Ltd. (ANDPL) द्वारा किया जा रहा है। हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार देवनार लैंडफिल की सफाई और जरूरी क्लियरेंस मिलने में देरी की वजह से प्रोजेक्ट की समय सीमा पर असर पड़ा है। इसके साथ ही, महाराष्ट्र सरकार ने सहकारी आवास सोसायटियों के लिए नए मॉडल उपनियम (Bye-Laws) 2026 का ड्राफ्ट तैयार किया है, जिस पर आम जनता से सुझाव मांगे गए हैं।