Maharashtra: मुंबई में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की वजह से हजारों पेड़ काटे जा रहे हैं, लेकिन अब शहर में नए पेड़ लगाने के लिए जगह नहीं बची है। BMC ने माना है कि उन्हें मुआवजे में पेड़ लगाने के लिए 30 से 40 हेक्टेय
Maharashtra: मुंबई में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की वजह से हजारों पेड़ काटे जा रहे हैं, लेकिन अब शहर में नए पेड़ लगाने के लिए जगह नहीं बची है। BMC ने माना है कि उन्हें मुआवजे में पेड़ लगाने के लिए 30 से 40 हेक्टेयर जमीन चाहिए, जो मुंबई की सीमा के अंदर मिलना नामुमकिन है। इस वजह से अब सरकार ने शहर के बाहर पेड़ लगाने की मंजूरी दे दी है।
किन प्रोजेक्ट्स की वजह से कटे पेड़ और कितने लगाने होंगे
मुंबई के कई बड़े प्रोजेक्ट्स में भारी संख्या में पेड़ काटे गए हैं। Goregaon-Mulund Link Road (GMLR) के लिए 1,039 पेड़ काटे जा रहे हैं, जिसके बदले 13,000 पेड़ लगाने होंगे। Northbound Coastal Road प्रोजेक्ट में करीब 1,300 पेड़ प्रभावित हुए हैं। वहीं Vidyavihar East-West Bridge के लिए 213 पेड़ काटे या शिफ्ट किए जाएंगे, जिसके लिए 2,278 नए पौधे लगाने की जरूरत है। इस एक प्रोजेक्ट के प्लांटेशन और 7 साल के रखरखाव पर 1.99 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
अब कहां लगाए जाएंगे नए पेड़
जगह की कमी को देखते हुए BMC अब कल्याण, पनवेल (करनजादे) और मीरा-भायंदर जैसे इलाकों में पेड़ लगाएगा। इसके अलावा, गार्जियन मिनिस्टर Ashish Shelar ने जिला कलेक्टर को Aarey Colony में 65 एकड़ जमीन खोजने का आदेश दिया है। यह जमीन सरकारी संस्थानों जैसे वेटेरिनरी हॉस्पिटल और महानंद डेयरी के पास हो सकती है। वहां 2026 मानसून में पौधारोपण की योजना है। इन कामों को पूरा करने के लिए Maharashtra Forest Development Corporation (MFDC) की मदद ली जाएगी और कम जगह में ज्यादा पेड़ लगाने के लिए Miyawaki तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है।
पर्यावरण विशेषज्ञों ने क्या कहा
एक्टिविस्ट आनंद पेंढारकर का कहना है कि शहर के बाहर पेड़ लगाने से मुंबई के लोगों को फायदा नहीं होगा और शहर में ‘हीट आइलैंड इफेक्ट’ बढ़ेगा, जिससे गर्मी ज्यादा महसूस होगी। वहीं जोरु भतेना ने चेतावनी दी है कि मलबे में किए गए ट्रांसप्लांटेशन अक्सर फेल हो जाते हैं। दूसरी तरफ, बॉम्बे हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने की इजाजत दी है, लेकिन यह शर्त रखी है कि लगाए गए पेड़ों का 10 साल तक ऑडिट करना होगा ताकि उनकी उत्तरजीविता सुनिश्चित हो सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई में पेड़ लगाने के लिए जगह क्यों नहीं है?
मुंबई में बड़े प्रोजेक्ट्स जैसे कोस्टल रोड और GMLR के कारण हजारों पेड़ कटे हैं। BMC को मुआवजे के लिए 30-40 हेक्टेयर जमीन चाहिए, लेकिन शहर की सीमा के भीतर इतनी खाली जमीन उपलब्ध नहीं है।
अब नए पेड़ कहां लगाए जाएंगे?
सरकार ने शहर के बाहर कल्याण, पनवेल और मीरा-भायंदर में पेड़ लगाने की अनुमति दी है। साथ ही Aarey Colony में 65 एकड़ जमीन खोजने की कोशिश की जा रही है।