Maharashtra: मुंबई में पुरानी सोसायटियों के रिडेवलपमेंट का काम तेजी से बढ़ रहा है। Knight Frank की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बाजार करीब 1.3 लाख करोड़ रुपये का है। साल 2030 तक शहर में इस तरह के प्रोजेक्ट्स से 44,000 से ज्याद
Maharashtra: मुंबई में पुरानी सोसायटियों के रिडेवलपमेंट का काम तेजी से बढ़ रहा है। Knight Frank की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बाजार करीब 1.3 लाख करोड़ रुपये का है। साल 2030 तक शहर में इस तरह के प्रोजेक्ट्स से 44,000 से ज्यादा नए घर बन सकते हैं। मुंबई की करीब 1.6 लाख सोसायटियां जो 30 साल से ज्यादा पुरानी हैं, अब रिडेवलपमेंट के लिए पात्र हैं।
रिडेवलपमेंट में एरिया शेयरिंग का क्या गणित है?
Knight Frank के सीनियर एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर Gulam Zia ने बताया है कि डेवलपर और सोसाइटी के बीच एरिया का बंटवारा प्रॉपर्टी की कीमत पर निर्भर करता है। अगर यह बंटवारा सही नहीं हुआ, तो प्रोजेक्ट बीच में फंस सकता है। उन्होंने इसके लिए कुछ मानक बताए हैं:
| प्रॉपर्टी की कीमत (प्रति sq ft) |
सोसाइटी के साथ एरिया शेयरिंग |
| 40,000 रुपये से कम |
30-35% |
| 40,000 से 60,000 रुपये |
35-40% |
| 75,000 रुपये से ज्यादा |
50% तक |
मुंबई के किन इलाकों में होगा सबसे ज्यादा असर?
रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई के वेस्टर्न सबर्ब्स यानी बांद्रा से बोरीवली तक के इलाके में सबसे ज्यादा ग्रोथ दिखेगी। यहां कुल नए घरों का 73% हिस्सा यानी करीब 32,354 घर रिडेवलपमेंट से आएंगे। वहीं साउथ मुंबई में करीब 416 नए घर जुड़ने की उम्मीद है। साल 2020 से अब तक 910 सोसायटियों ने डेवलपमेंट एग्रीमेंट साइन कर लिए हैं, जिससे करीब 326.8 एकड़ जमीन रिडेवलपमेंट के लिए खुल गई है।
रिडेवलपमेंट क्यों है जरूरी?
Knight Frank इंडिया के चेयरमैन और एमडी Shishir Baijal ने कहा कि मुंबई में नई खाली जमीन बहुत कम है, इसलिए रिडेवलपमेंट ही एकमात्र रास्ता है। शहर में घरों की मांग लगातार बनी हुई है, इसलिए पुरानी इमारतों को तोड़कर नए और आधुनिक घर बनाना अब अनिवार्य हो गया है।