Mumbai के स्लम इलाकों की बदलेगी सूरत, Adani और Ambani जैसे बड़े कारोबारी करेंगे करोड़ों का निवेश
Maharashtra: मुंबई के पुराने घरों और झुग्गी-झोपड़ियों की शक्ल अब बदलने वाली है। शहर में खाली जमीन की कमी और बढ़ती कीमतों की वजह से Adani और Ambani जैसे बड़े बिजनेस ग्रुप अब शहर के अंदर ही पुराने इलाकों को फिर से बसाने (R
Maharashtra: मुंबई के पुराने घरों और झुग्गी-झोपड़ियों की शक्ल अब बदलने वाली है। शहर में खाली जमीन की कमी और बढ़ती कीमतों की वजह से Adani और Ambani जैसे बड़े बिजनेस ग्रुप अब शहर के अंदर ही पुराने इलाकों को फिर से बसाने (Redevelopment) पर ध्यान दे रहे हैं। इस नए मॉडल को ‘मुंबई मॉडल’ कहा जा रहा है, जिसे आने वाले समय में देश के अन्य शहरों में भी लागू किया जा सकता है।
इस काम के लिए महाराष्ट्र सरकार ने नियमों में काफी ढील दी है। अब हाउसिंग सोसायटियों में पुनर्विकास के लिए 70% की जगह सिर्फ 51% सदस्यों की सहमति से काम शुरू हो सकेगा। साथ ही, डेवलपर्स को प्रोजेक्ट की कुल लागत का 20% बैंक गारंटी के तौर पर देना होगा और निर्माण शुरू करने से पहले RERA रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा।
झुग्गी बस्तियों के लिए भी नए नियम आए हैं। नवंबर 2025 के आदेश के मुताबिक, अगर कोई स्लम क्लस्टर 50 एकड़ से ज्यादा बड़ा है और वहां 51% से ज्यादा इलाका झुग्गियां हैं, तो अब हर एक निवासी की अलग से सहमति लेना जरूरी नहीं होगा।
| प्रमुख प्रोजेक्ट | कंपनी/ग्रुप | खास जानकारी |
|---|---|---|
| Dharavi Redevelopment | Adani Group (80%) & Govt (20%) | 600 एकड़ इलाका, 1.25 लाख हाई-राइज घर, लागत ₹95,790 करोड़ |
| Motilal Nagar (Goregaon) | Adani Group | 143 एकड़ का प्रोजेक्ट, निवेश लगभग ₹1 लाख करोड़ |
| Juhu Galli (Andheri West) | Reliance 4IR Realty | 101 एकड़ का स्लम क्लस्टर पुनर्विकास |
| SVP Nagar (Andheri West) | JSW Group (Hanura Realty) | 73.89 एकड़ का प्रोजेक्ट |
| Adarsh Nagar & Bandra Reclamation | Adani Properties | क्रमशः 34.33 और 98.27 एकड़ का क्लस्टर |
धारावी प्रोजेक्ट के जरिए करीब 10 लाख लोगों को बेहतर जीवन देने की कोशिश है, जिसे जनवरी 2032 तक पूरा करने का लक्ष्य है। हालांकि, इसमें उन 7 लाख लोगों के पुनर्वास की चुनौती है जो साल 2000 के बाद वहां बसे थे और वे मुफ्त घर के लिए पात्र नहीं हैं।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर मुंबई में यह मॉडल सफल रहा, तो दिल्ली जैसे अन्य शहरों में भी ऐसी बड़ी कंपनियां निवेश करेंगी। दिल्ली सरकार भी धारावी मॉडल का अध्ययन करने पर विचार कर रही है।