Maharashtra: मुंबई के प्रसिद्ध श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर में सुबह की आरती के दौरान भक्तों का भारी जमावड़ा देखा गया। 14 मई 2026 को बड़ी संख्या में लोग बप्पा का आशीर्वाद लेने और दिन की शुरुआत सकारात्मकता के साथ करने मं
Maharashtra: मुंबई के प्रसिद्ध श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर में सुबह की आरती के दौरान भक्तों का भारी जमावड़ा देखा गया। 14 मई 2026 को बड़ी संख्या में लोग बप्पा का आशीर्वाद लेने और दिन की शुरुआत सकारात्मकता के साथ करने मंदिर पहुंचे। मंदिर का माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक था और श्रद्धालु शांति से दर्शन कर रहे थे।
आरती का समय और दर्शन के नियम क्या हैं
मंदिर में सुबह की विशेष प्रार्थना जिसे ककड़ आरती कहते हैं, वह आमतौर पर सुबह 5:00 बजे से 6:00 बजे के बीच होती है। मंगलवार और नए साल जैसे खास मौकों पर भीड़ को देखते हुए मंदिर के खुलने का समय बदल दिया जाता है। उदाहरण के लिए, 1 जनवरी 2026 को मंदिर सुबह 3:15 बजे ही खोल दिया गया था ताकि लोग दर्शन कर सकें। महापूजा और आरती का समय सुबह 5:30 से 6:00 बजे तक रखा गया था।
भक्तों के लिए मंदिर के जरूरी नियम
मंदिर ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं के लिए कुछ गाइडलाइन्स तय की हैं जिनका पालन करना जरूरी है। मंदिर के अंदर शालीन कपड़े पहनकर आने की सलाह दी गई है। जूते-चप्पल और चमड़े का सामान अंदर ले जाना मना है, जिसके लिए बाहर लॉकर की सुविधा उपलब्ध है। मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी अंदर ले जाने की अनुमति नहीं है, इन्हें जमा करने के लिए अलग काउंटर बनाए गए हैं। गर्भगृह के अंदर फोटोग्राफी करना मना है।
दर्शन के लिए VIP विकल्प और अन्य जानकारी
भीड़ से बचने के लिए मंदिर में VIP दर्शन की सुविधा उपलब्ध है, जिसके लिए करीब 200 रुपये का मामूली शुल्क देना होता है। सुबह 7:30 से दोपहर 1:00 बजे तक महा अभिषेक होता है, इस दौरान मुख्य मंदिर क्षेत्र में प्रवेश नहीं मिलता और फूल-फल चढ़ाने की अनुमति नहीं होती। मंदिर का संचालन श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर ट्रस्ट द्वारा किया जाता है, जिसके वर्तमान चेयरमैन सदा सरवणकर हैं। इस मंदिर का निर्माण 19 नवंबर 1801 को लक्ष्मण विथु और देउबाई पाटिल ने करवाया था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Siddhivinayak मंदिर में सुबह की आरती का समय क्या है
ककड़ आरती आमतौर पर सुबह 5:00 से 6:00 बजे के बीच होती है। खास दिनों या मंगलवार को भीड़ के हिसाब से समय में बदलाव किया जा सकता है।
क्या मंदिर में मोबाइल और कैमरा ले जा सकते हैं
नहीं, मंदिर के अंदर मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ले जाना मना है। इन्हें जमा करने के लिए मंदिर परिसर में डिपॉजिट काउंटर दिए गए हैं।