Mumbai के Siddhivinayak मंदिर के दान और खातों की होगी जांच, Dy CM Eknath Shinde ने दिए ऑडिट के आदेश

Maharashtra: मुंबई के मशहूर श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर ट्रस्ट के दान और खातों में गड़बड़ी की खबर सामने आई है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde ने मंदिर के पिछले पांच साल के खात

Maharashtra: मुंबई के मशहूर श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर ट्रस्ट के दान और खातों में गड़बड़ी की खबर सामने आई है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde ने मंदिर के पिछले पांच साल के खातों का स्पेशल ऑडिट कराने का आदेश दिया है। यह फैसला मंगलवार को मंदिर ट्रस्ट के चेयरमैन Sada Sarvankar के साथ मंत्रालय में हुई बैठक के बाद लिया गया।

इस पूरी जांच की जिम्मेदारी Additional Chief Secretary (ACS) Aseem Gupta को सौंपी गई है। वह मंदिर में मिलने वाले कैश दान, गहनों और अन्य कीमती सामानों के रिकॉर्ड की बारीकी से जांच करेंगे और अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेंगे। यह ऑडिट राज्य के Law and Judiciary Department द्वारा किया जाएगा। सरकार ने साफ किया है कि अगर जांच में कोई भी गड़बड़ी पाई गई, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दरअसल, मंदिर ट्रस्ट ने खुद ही मार्च और मई 2026 के बीच सरकार को पत्र लिखकर गड़बड़ियों की आशंका जताई थी और जांच की मांग की थी। ट्रस्ट चेयरमैन Sada Sarvankar ने बताया कि उन्होंने खुद इन कमियों को पकड़ा और सरकार को सूचित किया। उन्होंने दावा किया कि कुछ कर्मचारियों पर कार्रवाई होने के बाद मंदिर की मासिक आय 40-45 लाख रुपये से बढ़कर 80-90 लाख रुपये हो गई है। साल 2025-26 में कुल कलेक्शन 182 करोड़ रुपये पहुंचा, जो 2022-23 में 106 करोड़ रुपये था।

इस विवाद में राजनीतिक एंगल भी जुड़ा है क्योंकि MNS चीफ Raj Thackeray ने आरोप लगाया था कि मंदिर के दान पात्रों से हर साल करीब 18 करोड़ रुपये चोरी हो रहे थे। इस मामले में अब तक 46 कर्मचारियों को सस्पेंड किया जा चुका है और राजेंद्र पेंडुरकर समेत 8-9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ऑडिट के दायरे में पूर्व चेयरमैन Adesh Bandekar का कार्यकाल भी आएगा, जो नवंबर 2023 तक इस पद पर थे। ट्रस्ट ने इस पूरे मामले की शिकायत ACB चीफ विश्वास नांगरे पाटिल से भी की है।