Maharashtra: मुंबई के कांदिवली इलाके के रहने वाले सीफेरर Dixit Solanki का शनिवार को अंतिम संस्कार किया गया। ओमान की खाड़ी में एक हमले में उनकी मौत हो गई थी, लेकिन शव को वापस लाने और उसकी पहचान करने में काफी समय लगा। परिव
Maharashtra: मुंबई के कांदिवली इलाके के रहने वाले सीफेरर Dixit Solanki का शनिवार को अंतिम संस्कार किया गया। ओमान की खाड़ी में एक हमले में उनकी मौत हो गई थी, लेकिन शव को वापस लाने और उसकी पहचान करने में काफी समय लगा। परिवार ने लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अपने बेटे और भाई को अंतिम विदाई दी।
Dixit Solanki की मौत कैसे हुई और क्या था मामला
Dixit Solanki एक ऑयल टैंकर MT MKD Vyom पर ऑयलर्स के तौर पर काम करते थे। 1 मार्च 2026 को ओमान की खाड़ी में मस्कट तट के पास इस जहाज पर ड्रोन हमला हुआ था। Directorate General of Shipping ने बताया कि एक विस्फोटक प्रोजेक्टाइल फटने की वजह से उन्हें गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी मौत हो गई। उनका शव 35 दिनों की देरी के बाद 5 अप्रैल 2026 को मुंबई पहुँचा था।
DNA रिपोर्ट और कोर्ट के दखल के बाद हुआ अंतिम संस्कार
शव की पहचान को लेकर विवाद था, जिसके बाद परिवार ने बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर कालिना स्थित फॉरेंसिक लैब में DNA टेस्ट कराया गया। 17 अप्रैल को रिपोर्ट आने के बाद 18 अप्रैल को कांदिवली वेस्ट के धनुकड़वाड़ी श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। हालांकि, कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि शव के ज्यादा जल जाने की वजह से DNA सैंपल मिलना मुश्किल था।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा और सरकारी निर्देश
इस घटना के बाद भारतीय नाविकों के लिए सुरक्षा नियमों पर चर्चा तेज हो गई है। सरकार और संबंधित विभागों ने निम्नलिखित कदम उठाए हैं:
- पश्चिम एशिया में मौजूद भारतीय नाविकों को घर के अंदर रहने और जोखिम वाले इलाकों से बचने की सलाह दी गई।
- शिपिंग कंपनियों को प्रभावित इलाकों में अपने कामकाज की समीक्षा करने को कहा गया।
- Ministry of Ports, Shipping and Waterways शवों को वापस लाने और सुरक्षा उपायों पर काम कर रही है।
- NUSI और Forward Seamen’s Union जैसे संगठनों ने संघर्ष वाले क्षेत्रों में नाविकों के बढ़ते जोखिम पर चिंता जताई है।