Maharashtra: मुंबई के अभिभावकों और छात्रों के लिए एक जरूरी खबर है। School Bus Owners Association (SBOA) ने जून से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र से बस फीस में 15% की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। डीजल की कीमतों में अचानक आई
Maharashtra: मुंबई के अभिभावकों और छात्रों के लिए एक जरूरी खबर है। School Bus Owners Association (SBOA) ने जून से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र से बस फीस में 15% की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। डीजल की कीमतों में अचानक आई तेजी और बढ़ते खर्चों की वजह से बस मालिकों ने यह फैसला लिया है।
फीस बढ़ाने की मुख्य वजह क्या है?
SBOA के अध्यक्ष Anil Garg ने बताया कि पिछले 11 दिनों में डीजल की कीमतों में 8 रुपये की बढ़ोत्तरी हुई है। बस चलाने के कुल खर्च में डीजल का हिस्सा 65% होता है। इसके अलावा बसों के मेंटेनेंस, स्पेयर पार्ट्स, इंश्योरेंस प्रीमियम और स्टाफ की सैलरी में भी इजाफा हुआ है, जिससे ऑपरेटरों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है।
सरकार के नए नियमों और सुरक्षा मानकों का क्या असर होगा?
महाराष्ट्र सरकार के ट्रांसपोर्ट विभाग ने स्कूल बसों के लिए कुछ नए नियम प्रस्तावित किए हैं। अब बसों में GPS, पैनिक बटन, CCTV कैमरे, सीट बेल्ट और फायर अलार्म जैसे सुरक्षा फीचर्स लगाना अनिवार्य होगा। साथ ही कक्षा 5 तक के बच्चों के लिए महिला अटेंडेंट की तैनाती का भी नियम है। इन सुविधाओं को लागू करने से भी बस मालिकों का खर्च बढ़ेगा।
फीस और संचालन को लेकर क्या विवाद है?
सरकार ने सुझाव दिया है कि बस किराया प्रति किलोमीटर के हिसाब से तय हो और फीस का भुगतान महीने दर महीने किया जाए। हालांकि, SBOA ने इस मासिक भुगतान प्रणाली का विरोध किया है क्योंकि कई स्कूल पहले ही सालाना फीस जमा कर चुके हैं। बस मालिकों ने सुझाव दिया था कि डीजल बचाने के लिए ‘अल्टरनेट डे स्कूल मॉडल’ (3 दिन फिजिकल और 2 दिन ऑनलाइन क्लास) अपनाया जाए, लेकिन स्कूलों ने इसे व्यावहारिक नहीं माना।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई में स्कूल बस की फीस कितनी बढ़ेगी और कब से लागू होगी?
SBOA के अनुसार स्कूल बस की फीस में 15% की बढ़ोतरी की गई है, जो जून से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र से लागू होगी।
बस मालिकों ने फीस बढ़ाने के लिए क्या कारण दिए हैं?
मुख्य कारण डीजल की कीमतों में 11 दिनों में 8 रुपये की वृद्धि है। इसके अलावा मेंटेनेंस, इंश्योरेंस और नए सुरक्षा नियमों (CCTV, GPS) के कारण बढ़े खर्च को वजह बताया गया है।