Maharashtra: मुंबई के संजय गांधी नेशनल पार्क (SGNP) का नाम बदलकर ‘अटल बिहारी वाजपेयी पार्क’ करने की मांग उठी है। इस प्रस्ताव के साथ ही पार्क के अंदर एक यूनिवर्सिटी और टाउनशिप बनाने की योजना भी सामने आई है। पर
Maharashtra: मुंबई के संजय गांधी नेशनल पार्क (SGNP) का नाम बदलकर ‘अटल बिहारी वाजपेयी पार्क’ करने की मांग उठी है। इस प्रस्ताव के साथ ही पार्क के अंदर एक यूनिवर्सिटी और टाउनशिप बनाने की योजना भी सामने आई है। पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने इसे जंगल को खत्म करने की एक सोची-समझी साजिश बताया है, जिससे शहर की हरियाली और वन्यजीवों पर बुरा असर पड़ेगा।
नाम बदलने और यूनिवर्सिटी बनाने का क्या है पूरा मामला?
एक BJP कार्यकर्ता ने पार्क का नाम बदलने और वहां यूनिवर्सिटी बनाने का प्रस्ताव दिया था। महाराष्ट्र के Principal Chief Conservator of Forests (PCCF) एम. श्रीनिवास रेड्डी ने सरकार को पत्र लिखकर नाम बदलने को नीतिगत मामला बताया है, लेकिन उन्होंने ‘नेशनल पार्क’ शब्द हटाने का विरोध किया है ताकि इसकी संरक्षित स्थिति बनी रहे। वहीं, रेड्डी ने पार्क के अंदर यूनिवर्सिटी बनाने का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने कहा कि इससे वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में खलल पड़ेगा और यह Wildlife (Protection) Act, 1972 और Forest Act, 1980 का उल्लंघन होगा।
कार्यकर्ता इसे ‘तबाही का पैटर्न’ क्यों कह रहे हैं?
पर्यावरण प्रेमी और सामाजिक कार्यकर्ता इस कदम से नाराज हैं। उनका कहना है कि नाम बदलना सिर्फ एक बहाना है ताकि जमीन पर कब्जा किया जा सके। कार्यकर्ताओं ने पिछले कुछ प्रोजेक्ट्स का हवाला दिया है, जैसे:
- गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड का निर्माण।
- बोरीवली-ठाणे अंडरग्राउंड टनल का प्रोजेक्ट।
- इको-सेंसिटिव जोन में निर्माण की अनुमति देने वाला मास्टर प्लान।
- पार्क के अंदर रहने वाले आदिवासी समुदायों का विस्थापन।
आवाज फाउंडेशन की सुमैरा अब्दुलअली और आरे कंजर्वेशन ग्रुप की अमृता भट्टाचार्जी का मानना है कि यह शहर के बचे-कुचे जंगलों को कंक्रीट के जंगल में बदलने की योजना है।
बाउंड्री वॉल और अतिक्रमण को लेकर क्या विवाद है?
बॉम्बे हाई कोर्ट ने 2025 में पार्क के चारों ओर बाउंड्री वॉल बनाने का आदेश दिया था ताकि अतिक्रमण रुके। मार्च 2026 तक 154 किलोमीटर में से केवल 50 किलोमीटर दीवार बन पाई है। जनवरी 2026 में चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान आदिवासी निवासियों ने विरोध किया था। उनका कहना है कि वे अतिक्रमणकारी नहीं हैं बल्कि पीढ़ियों से वहां रह रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या संजय गांधी नेशनल पार्क का नाम बदल दिया गया है?
अभी सिर्फ प्रस्ताव भेजा गया है। PCCF ने सरकार को सुझाव दिया है कि नाम बदला जाए तो भी ‘नेशनल पार्क’ शब्द जरूर रखा जाए ताकि उसकी कानूनी सुरक्षा बनी रहे।
पार्क के अंदर यूनिवर्सिटी बनाने का विरोध क्यों हो रहा है?
वन विभाग और कार्यकर्ताओं का कहना है कि यूनिवर्सिटी बनने से निर्माण कार्य बढ़ेगा, लोगों की आवाजाही बढ़ेगी और वन्यजीवों का घर नष्ट होगा, जो वन्यजीव संरक्षण कानूनों के खिलाफ है।