Mumbai में सड़क हादसे के 7 साल बाद भी इंसाफ का इंतजार, बेटी पूछती है- पापा कहां हैं
Maharashtra/Mumbai: मुंबई के गोरेगांव ईस्ट में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे को सात साल बीत चुके हैं, लेकिन पीड़ित परिवार आज भी अदालत के चक्कर काट रहा है। एक रईस परिवार के लड़के की लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़
Maharashtra/Mumbai: मुंबई के गोरेगांव ईस्ट में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे को सात साल बीत चुके हैं, लेकिन पीड़ित परिवार आज भी अदालत के चक्कर काट रहा है। एक रईस परिवार के लड़के की लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। अब वह मासूम बेटी, जो हादसे के वक्त महज सात महीने की थी, अपने पिता की तस्वीरें देखकर उनसे मिलने की जिद करती है।
यह मामला 16 जून 2019 का है जब 33 साल के Shailesh Mishra एक ऐप-आधारित कैब से जा रहे थे। तभी पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने उनकी गाड़ी को जोरदार टक्कर मारी। कार चलाने वाला 19 साल का Sudhandhu Saboo था, जो कथित तौर पर शराब के नशे में था और उसका लर्निंग लाइसेंस भी एक्सपायर हो चुका था। इस हादसे में Shailesh Mishra की मौत हो गई, जबकि कैब ड्राइवर Suraj Ramani गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
पुलिस ने आरोपी Sudhandhu Saboo को मौके से गिरफ्तार किया था, लेकिन अगस्त 2019 में उसे जमानत मिल गई। सात साल बाद भी इस मामले की ट्रायल शुरू नहीं हो पाई है। देरी की वजह में कोरोना महामारी और बार-बार तारीखें मिलना बताया जा रहा है। अब आरोपी के वकील Inderpal Singh ने कोर्ट में डिस्चार्ज एप्लीकेशन फाइल की है। इसमें मांग की गई है कि आरोपी को या तो पूरी तरह बरी किया जाए या फिर ‘गैर-इरादतन हत्या’ (Culpable Homicide) के गंभीर आरोप को हटाकर ‘लापरवाही से मौत’ (Death by Negligence) की हल्की धारा लगाई जाए।
मृतक की पत्नी Preeti Mishra अब सोशल मीडिया के जरिए अपनी आवाज उठा रही हैं। उन्होंने अधिकारियों से अपील की है कि इस केस की सुनवाई जल्द पूरी की जाए। उनका कहना है कि एक आम नागरिक की जिंदगी की कोई कीमत नहीं है क्या। फिलहाल अभियोजन पक्ष ने डिस्चार्ज एप्लीकेशन पर अपना जवाब दाखिल कर दिया है और मामला अब दलीलों के लिए रखा गया है।