Mumbai में चुनाव आयोग के नाम पर ठगी, APK फाइल डाउनलोड कराई और रिटायर्ड प्रिंसिपल से लूटे 17 लाख
Maharashtra/Mumbai : मुंबई के देवनार इलाके में रहने वाले एक रिटायर्ड कॉलेज प्रिंसिपल से साइबर ठगों ने 17 लाख रुपये ठग लिए। जालसाजों ने खुद को चुनाव आयोग का अधिकारी बताया और वोटर लिस्ट अपडेट करने के बहाने उनके मोबाइल में
Maharashtra/Mumbai : मुंबई के देवनार इलाके में रहने वाले एक रिटायर्ड कॉलेज प्रिंसिपल से साइबर ठगों ने 17 लाख रुपये ठग लिए। जालसाजों ने खुद को चुनाव आयोग का अधिकारी बताया और वोटर लिस्ट अपडेट करने के बहाने उनके मोबाइल में एक APK फाइल डाउनलोड करवाई, जिससे उनके फोन का पूरा कंट्रोल ठगों के पास चला गया।
यह मामला 8 अगस्त 2026 का है। ठगों ने पीड़ित को डराया कि अगर उन्होंने स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) फॉर्म ऑनलाइन नहीं भरा, तो वे अगले चुनाव में वोट नहीं दे पाएंगे। दबाव में आकर प्रिंसिपल ने APK फाइल डाउनलोड कर ली। इसके बाद ठगों ने प्रोसेसिंग फीस के नाम पर मात्र 5 रुपये मांगे, लेकिन असल में उन्होंने रिमोट एक्सेस के जरिए उनके बैंक खातों से पांच अलग-अलग ट्रांजेक्शन करके 17 लाख रुपये निकाल लिए।
पीड़ित को जब पांच फर्जी ट्रांजेक्शन के अलर्ट मिले, तब उन्हें अहसास हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। 10 अगस्त को ईस्ट रीजन साइबर पुलिस स्टेशन में तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई। जांच में पता चला कि उनके फोन में ‘Online Voter Verification’ और ‘Device Protection’ नाम के दो अनजान ऐप्स इंस्टॉल हो गए थे।
चुनाव आयोग (ECI) ने इस तरह के फ्रॉड से बचने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
| सावधानी का विषय | आधिकारिक नियम |
|---|---|
| प्रोसेसिंग फीस | वोटर रजिस्ट्रेशन और सुधार पूरी तरह मुफ्त है, कोई फीस नहीं ली जाती। |
| APK फाइल/ऐप | ECI किसी भी अनजान लिंक से APK फाइल डाउनलोड करने को नहीं कहता। |
| गोपनीय जानकारी | कोई भी सरकारी अधिकारी आपसे OTP, बैंक पासवर्ड या CVV नहीं मांगेगा। |
| वेरिफिकेशन का तरीका | केवल आधिकारिक पोर्टल voters.eci.gov.in या वोटर हेल्पलाइन ऐप का उपयोग करें। |
मुंबई और पुणे में इस तरह के कई मामले सामने आए हैं। पुणे में एक रिटायर्ड बैंक अधिकारी से 3.4 लाख और एक इंजीनियर से 4.43 लाख रुपये इसी तरह की APK ठगी के जरिए लूटे गए। महाराष्ट्र पुलिस ने साइबर अपराधों को रोकने के लिए 1 जुलाई 2026 से ‘ऑपरेशन 1930: साइबर सेफ्टी’ शुरू किया है, जिसके तहत अब तक 803 FIR दर्ज की गई हैं और 1,700 करोड़ रुपये सुरक्षित किए गए हैं।