Mumbai के 6 रेस्टोरेंट्स के लाइसेंस रद्द, किचन में मिले चूहे और एक्सपायर्ड सामान
Maharashtra: मुंबई के कई नामी रेस्टोरेंट्स और ईटरीज़ के लिए मुश्किल समय शुरू हो गया है। महाराष्ट्र Food and Drug Administration (FDA) ने शहर के 6 रेस्टोरेंट्स के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए हैं। यह कार्रवाई तब हुई जब जांच के
Maharashtra: मुंबई के कई नामी रेस्टोरेंट्स और ईटरीज़ के लिए मुश्किल समय शुरू हो गया है। महाराष्ट्र Food and Drug Administration (FDA) ने शहर के 6 रेस्टोरेंट्स के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए हैं। यह कार्रवाई तब हुई जब जांच के दौरान किचन में चूहे, कॉकरोच और एक्सपायर्ड खाना मिला। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि खाने की क्वालिटी और सफाई से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
यह पूरी कार्रवाई 26 जून से 28 जून 2026 के बीच चलाए गए एक स्पेशल अभियान के दौरान हुई। फूड सेफ्टी कमिश्नर Tukaram Mundhe ने इस अभियान के आदेश दिए थे। जांच में पाया गया कि कई जगह Food Safety and Standards Act के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। कुछ रेस्टोरेंट्स में फ्रिज ठीक से काम नहीं कर रहे थे, तो कुछ जगह स्टाफ ने जरूरी हेल्थ चेक-अप भी नहीं कराया था।
नरीमन पॉइंट के Flint & Waarsa रेस्टोरेंट में गलत लेबलिंग वाले सामान जब्त किए गए और करीब 16,201 रुपये का एक्सपायर्ड खाना नष्ट किया गया। इसके अलावा अन्य रेस्टोरेंट्स में भी गंभीर कमियां मिलीं।
| रेस्टोरेंट/ईटरी का नाम | इलाका | मुख्य समस्या |
|---|---|---|
| Flint & Waarsa | Nariman Point | गलत लेबलिंग और एक्सपायर्ड सामान |
| M.K. Bakery | Borivali East | रिनोवेशन के दौरान खाना बनाना |
| Hotel Gopalkrishna | Santacruz East | किचन में चूहे मिलना |
| Karak Enterprises | Andheri | कॉकरोच का संक्रमण |
| Hotel Shrikrishna | Bhandup | गंदा रेफ्रिजरेशन |
| Madras Diaries | Bandra West | सफाई में भारी कमी |
FDA ने इस अभियान के तहत पूरे महाराष्ट्र में 31 छापेमारी की। इस दौरान 34.87 लाख रुपये का प्रतिबंधित पान मसाला और गुटखा जब्त किया गया और 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया। एक दुकान को सील कर दिया गया और तीन गाड़ियां भी जब्त हुईं।
प्रशासन ने अब सभी होटल और रेस्टोरेंट्स को निर्देश दिया है कि वे ग्राहकों को मुफ्त और सुरक्षित पीने का पानी दें। बोतलबंद पानी तभी दिया जाए जब ग्राहक खुद इसकी मांग करे। अगर किसी को खाने की क्वालिटी से जुड़ी शिकायत है, तो वह FDA की टोल-फ्री हेल्पलाइन पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।