Mumbai में भीषण गर्मी से बेहाल लोग, रात गुजारने के लिए Versova बीच पर सोने को मजबूर हुए झुग्गीवासी

Maharashtra: मुंबई में बढ़ते तापमान और उमस ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। गर्मी इतनी ज्यादा है कि वर्सोवा (Versova) इलाके के इंदिरा नगर और सागर कुटीर जैसी बस्तियों में रहने वाले लोग अपने घरों को छोड़कर रातें बीच पर

Maharashtra: मुंबई में बढ़ते तापमान और उमस ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। गर्मी इतनी ज्यादा है कि वर्सोवा (Versova) इलाके के इंदिरा नगर और सागर कुटीर जैसी बस्तियों में रहने वाले लोग अपने घरों को छोड़कर रातें बीच पर गुजार रहे हैं। टिन की छतों वाले छोटे कमरों में हवा न होने और बिजली कटौती की वजह से अंदर रहना नामुमकिन हो गया है, इसलिए सैकड़ों लोग खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर हैं।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया है कि महाराष्ट्र के कई जिलों में गर्मी और उमस बनी रहेगी। अगले तीन दिनों तक अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है, जिसके बाद इसमें धीरे-धीरे कमी आएगी। IMD ने कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और गरज के साथ छींटों के लिए Yellow Alert जारी किया है, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून की रफ्तार धीमी होने और एल नीनो (El Niño) के प्रभाव के कारण इस बार गर्मी ज्यादा बढ़ गई है।

गर्मी के साथ-साथ मुंबई के लोग पानी की किल्लत से भी जूझ रहे हैं। BMC ने पानी के स्टॉक में कमी को देखते हुए पूरे शहर में 10% पानी की कटौती लागू कर दी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जब तक अच्छी बारिश नहीं होती, तब तक पानी का संभलकर इस्तेमाल करें। वहीं, महाराष्ट्र सरकार ने अप्रैल में ही बाहरी काम करने वाले मजदूरों के लिए SOP जारी की थी, जिसमें दोपहर 12 से 4 बजे तक काम से ब्रेक लेने और पानी के बूथ लगाने जैसे निर्देश दिए गए थे।

स्थानीय लोगों का कहना है कि घरों के अंदर दम घुटने जैसी स्थिति हो जाती है, इसलिए रात में बीच की ठंडी हवा ही एकमात्र सहारा है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए MNS के अधिकारियों ने भी वर्सोवा बीच का दौरा किया है। इसी तरह की समस्या मीरा-भायंदर जैसे अन्य इलाकों में भी देखी गई है, जहाँ लोग बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं।