Mumbai में चॉल की जिंदगी का अनुभव, एक रात रहने के बाद शख्स ने कहा- अब कभी नहीं करूँगा अपनी लाइफ की शिकायत
Maharashtra: मुंबई की भागदौड़ भरी जिंदगी में रहने वाले एक व्यक्ति ने जब एक रात चॉल में गुजारी, तो उन्हें असल जिंदगी की कठिनाइयों का अहसास हुआ। इस अनुभव के बाद उन्होंने कहा कि अब वह अपने जीवन की परिस्थितियों के बारे में क
Maharashtra: मुंबई की भागदौड़ भरी जिंदगी में रहने वाले एक व्यक्ति ने जब एक रात चॉल में गुजारी, तो उन्हें असल जिंदगी की कठिनाइयों का अहसास हुआ। इस अनुभव के बाद उन्होंने कहा कि अब वह अपने जीवन की परिस्थितियों के बारे में कभी शिकायत नहीं करेंगे।
मुंबई में चॉल की जीवनशैली काफी चुनौतीपूर्ण होती है। यहाँ रहने वाले लोगों को प्राइवेसी की कमी, शोर-शराबा, साझा शौचालय और पानी की किल्लत जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। गंदगी और कीड़े-मकोड़ों का प्रकोप भी आम बात है, जिसकी वजह से कई लोग मौका मिलने पर निजी फ्लैट में शिफ्ट होना चाहते हैं।
शहर में चॉल की हालत और भी गंभीर हो जाती है जब मौसम खराब होता है। अगस्त 2026 में कुर्ला के चिराग नगर स्थित गौशिया चॉल में लैंडस्लाइड हुआ था, जिसमें दो लोगों की जान चली गई थी। इसी तरह 6 जुलाई 2026 को मानखुर्द में एक चॉल गिरने से छह लोगों की मौत हुई थी, जिनमें पांच बच्चे शामिल थे।
भीषण गर्मी और उमस के दौरान भी हालात खराब हो जाते हैं। जून 2026 में खराब वेंटिलेशन और भीड़भाड़ वाले घरों से बचने के लिए कई स्लम निवासी रातें वर्सोवा बीच पर बिताने को मजबूर थे। BMC ने समय-समय पर जोखिम वाले इलाकों जैसे हिल नंबर 3 और अशोक नगर के निवासियों को सावधानी बरतने और खाली करने की चेतावनी भी दी थी।