Mumbai में अंगदान का रिकॉर्ड, 5 दिनों में 5 शवों से 17 लोगों को मिली नई जिंदगी

Maharashtra: मुंबई में अंगदान के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले हफ्ते सिर्फ 5 दिनों के भीतर 5 परिवारों ने अपने ब्रेन-डेड परिजनों के अंग दान किए, जिससे 17 लोगों की जान बच गई। साल 2026 के पहले छह महीनों में मुंबई में अब

Maharashtra: मुंबई में अंगदान के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले हफ्ते सिर्फ 5 दिनों के भीतर 5 परिवारों ने अपने ब्रेन-डेड परिजनों के अंग दान किए, जिससे 17 लोगों की जान बच गई। साल 2026 के पहले छह महीनों में मुंबई में अब तक 35 शव अंगदान (Cadaver donation) हो चुके हैं, जो 1997 में इस प्रोग्राम की शुरुआत के बाद से सबसे तेज रफ्तार है।

यह पूरा सिलसिला 26 जून से 30 जून 2026 के बीच चला। इस दौरान अलग-अलग अस्पतालों में परिवारों ने हिम्मत दिखाई। 26 जून को Sir H N Reliance Foundation Hospital में दो परिवारों ने सहमति दी, जिससे 8 लोगों की जान बची। इसमें एक 39 साल की महिला ने दिल, फेफड़े, लिवर, किडनी और कॉर्निया दान किया, जबकि एक 57 साल की महिला ने लिवर, किडनी और कॉर्निया दिया।

इसके बाद 28 जून को Fortis Hospital, Mulund में 69 साल की महिला के परिवार ने लिवर, किडनी, कॉर्निया और स्किन दान की। 29 जून को Wockhardt Hospital, Mira Road में एक 28 साल के युवक ने हादसे के बाद अपने अंग दान किए। वहीं 30 जून को Fortis Hospital में एक 37 साल के व्यक्ति की पत्नी ने लिवर, कॉर्निया और स्किन दान करने की मंजूरी दी। 29 और 30 जून के इन दो दानों से 6 लोगों को नया जीवन मिला।

तारीख अस्पताल दान किए गए मुख्य अंग
26 जून Sir H N Reliance Foundation दिल, फेफड़े, लिवर, किडनी, कॉर्निया
28 जून Fortis Hospital, Mulund लिवर, किडनी, कॉर्निया, स्किन
29 जून Wockhardt Hospital, Mira Road दिल, फेफड़े, लिवर, किडनी, हड्डियां
30 जून Fortis Hospital, Mulund लिवर, कॉर्निया, स्किन

अंगों को समय पर मरीजों तक पहुँचाने के लिए Mumbai Police ने ‘ग्रीन कॉरिडोर’ बनाकर मदद की। ZTCC के जनरल सेक्रेटरी Dr. Bharat Shah ने बताया कि जागरूकता बढ़ी है, लेकिन अभी भी अंगों के लिए इंतजार करने वाले मरीजों की लिस्ट बहुत लंबी है। Dr. Surendra Mathur ने कहा कि निजी अस्पतालों की तुलना में सरकारी अस्पतालों से अंगदान बहुत कम हो रहा है।

भारत में यह पूरी प्रक्रिया Transplantation of Human Organs and Tissues Act (THOT), 2011 के तहत होती है। इसमें परिवार की सहमति जरूरी है और अंगों की कोई खरीद-बिक्री कानूनी रूप से मना है। NOTTO के डायरेक्टर Dr. Anil Kumar के मुताबिक, 23 जून 2026 तक देश में अंगदान का संकल्प लेने वालों की संख्या 5 लाख के पार पहुँच गई है।