Mumbai रियल एस्टेट में बड़ा बदलाव, 50 करोड़ से महंगे सिर्फ 23 घर बिके, 50 लाख से कम वाले 17 हजार फ्लैट्स की डिमांड

Maharashtra: मुंबई और उसके आसपास के इलाकों (MMR) में घर खरीदने का तरीका बदल रहा है। साल 2026 की पहली छमाही में जहां एक तरफ करोड़ों के आलीशान घरों की बिक्री कम रही, वहीं कम बजट वाले घरों की मांग काफी ज्यादा देखी गई। Knigh

Maharashtra: मुंबई और उसके आसपास के इलाकों (MMR) में घर खरीदने का तरीका बदल रहा है। साल 2026 की पहली छमाही में जहां एक तरफ करोड़ों के आलीशान घरों की बिक्री कम रही, वहीं कम बजट वाले घरों की मांग काफी ज्यादा देखी गई। Knight Frank India की रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई अब भी देश का सबसे बड़ा रेजिडेंशियल मार्केट बना हुआ है।

रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई में 50 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत वाले अल्ट्रा-लक्जरी घरों की बिक्री काफी कम रही और केवल 23 अपार्टमेंट ही बिके। लेकिन 20 करोड़ से 50 करोड़ रुपये वाले लक्जरी सेगमेंट में मुंबई ने बढ़त बनाई है, जहां 214 घर रजिस्टर्ड हुए। यह आंकड़ा देश के टॉप शहरों की कुल बिक्री का 57% है।

आम आदमी के बजट वाले घरों की बात करें तो MMR इलाके में 50 लाख रुपये से कम कीमत वाले करीब 17,148 फ्लैट्स बिके। हालांकि, पूरे देश के स्तर पर 50 लाख से कम वाले किफायती घरों की बिक्री में 15% की गिरावट आई है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अब लोग प्रीमियम घरों की तरफ ज्यादा झुक रहे हैं। 1 करोड़ रुपये से ऊपर के घरों की हिस्सेदारी बढ़कर 54% हो गई है।

कैटेगरी/डेटा आंकड़े (H1 2026)
50 करोड़ से महंगे घर (मुंबई) 23 यूनिट्स
20 से 50 करोड़ के घर (मुंबई) 214 यूनिट्स
50 लाख से कम के घर (MMR) 17,148 यूनिट्स
कुल घर बिक्री (मुंबई) 47,355 यूनिट्स
कुल प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन (मुंबई) 80,221
स्टैम्प ड्यूटी कलेक्शन (महाराष्ट्र) 6,968 करोड़ रुपये
मुंबई में घरों की कीमत बढ़त 5% (Year-on-Year)

Knight Frank India के चेयरमैन और एमडी शिशिर बैजल ने बताया कि मुंबई में घर खरीदने वालों का भरोसा बरकरार है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रीमियम घरों की बढ़ती मांग यह बताती है कि अब आम खरीदारों के लिए किफायती घर मिलना मुश्किल होता जा रहा है।

मुंबई के इस मजबूत प्रदर्शन की वजह से महाराष्ट्र सरकार को भी फायदा हुआ है। पहली छमाही में स्टैम्प ड्यूटी से 6,968 करोड़ रुपये की कमाई हुई, जो पिछले साल के मुकाबले 4% ज्यादा है। जून 2026 में पिछले 14 सालों का सबसे ज्यादा प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन दर्ज किया गया। वहीं, दिल्ली-NCR जैसे इलाकों में बिक्री में 7% की गिरावट आई है।