Maharashtra: मुंबई में कोंकण के आम और काजू किसानों के हक के लिए प्रदर्शन कर रहे किसान नेता Raju Shetti और उनके समर्थकों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। यह घटना गिरगांव चौपाटी के पास हुई, जब किसान मुख्यमंत्री के सरकारी आव
Maharashtra: मुंबई में कोंकण के आम और काजू किसानों के हक के लिए प्रदर्शन कर रहे किसान नेता Raju Shetti और उनके समर्थकों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। यह घटना गिरगांव चौपाटी के पास हुई, जब किसान मुख्यमंत्री के सरकारी आवास ‘वर्षा’ बंगले की तरफ मार्च कर रहे थे। इस प्रदर्शन को ‘धडक कैफियत मोर्चा’ नाम दिया गया था, जिसमें कई बड़े राजनीतिक नेता भी शामिल थे।
किसानों की मुख्य मांगें क्या हैं?
कोंकण क्षेत्र के किसान बेमौसम बारिश और कीटों के हमले की वजह से भारी नुकसान झेल रहे हैं। उनकी मांग है कि आम के बागों के लिए 5 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर और काजू के बागों के लिए 3 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा दिया जाए। किसानों का कहना है कि सरकार द्वारा घोषित 22,000 रुपये की राशि बहुत कम है और यह नुकसान की भरपाई के लिए काफी नहीं है।
हिरासत में कौन-कौन से नेता शामिल थे?
पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गिरगांव चौपाटी के पास मोर्चा रोका और कई दिग्गजों को हिरासत में लिया। इनमें Swabhimani Shetkari Sanghatana के अध्यक्ष Raju Shetti के साथ महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष Harshvardhan Sapkal, Shekap नेता Jayant Patil और पूर्व शिवसेना सांसद Vinayak Raut शामिल थे। इस कार्रवाई की वजह से गिरगांव इलाके में ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई थी।
सरकार का इस मुद्दे पर क्या कहना है?
महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री Chandrashekhar Bawankule ने 13 और 14 मई को प्रभावित किसानों को मदद का भरोसा दिया था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis के साथ चर्चा के बाद एक पूरा मुआवजा पैकेज तय किया जाएगा। साथ ही उन्होंने जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे नुकसान का सर्वे जल्द पूरा करें ताकि राहत समय पर मिल सके। दूसरी तरफ, Raju Shetti ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस ने बल प्रयोग किया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
किसान कितनी मुआवजे की मांग कर रहे हैं?
किसान आम के बागों के लिए 5 लाख रुपये और काजू के बागों के लिए 3 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों को कहां और क्यों रोका गया?
पुलिस ने गिरगांव चौपाटी के पास प्रदर्शनकारियों को रोका और हिरासत में लिया ताकि मुख्यमंत्री आवास ‘वर्षा’ बंगले के पास कानून-व्यवस्था बनी रहे और ट्रैफिक बाधित न हो।