Mumbai, Thane समेत कई जिलों में भारी बारिश का Orange Alert, Palghar में स्कूल-कॉलेज बंद

Maharashtra: मुंबई और आसपास के इलाकों में मानसून ने जोरदार दस्तक दी है जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। IMD ने मुंबई, ठाणे और रायगढ़ के लिए 3 जुलाई तक Orange Alert जारी किया है, जबकि पालघर जिले में बेहद भारी

Maharashtra: मुंबई और आसपास के इलाकों में मानसून ने जोरदार दस्तक दी है जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। IMD ने मुंबई, ठाणे और रायगढ़ के लिए 3 जुलाई तक Orange Alert जारी किया है, जबकि पालघर जिले में बेहद भारी बारिश की चेतावनी के चलते Red Alert जारी किया गया है। शहर के कई इलाकों में भारी जलजमाव की वजह से लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कतें हो रही हैं।

मुंबई में पिछले 24 घंटों के दौरान भारी बारिश दर्ज की गई है। संताक्रुज में 1 जुलाई सुबह से 2 जुलाई सुबह तक 165.9 mm बारिश हुई। बारिश का सबसे ज्यादा असर पूर्वी उपनगरों में देखा गया। मरीन लाइन्स, प्रभादेवी, Byculla, लालबाग, अंधेरी, मालाड और कुर्ला जैसे निचले इलाकों में पानी भर गया। जलजमाव इतना ज्यादा था कि अंधेरी सबवे को ट्रैफिक के लिए बंद करना पड़ा क्योंकि वहां करीब पांच फीट पानी जमा हो गया था।

बारिश की वजह से ट्रांसपोर्ट सेवाओं पर भी बुरा असर पड़ा है। Western, Central और Harbour लाइन की लोकल ट्रेनों की रफ्तार धीमी रही और कई ट्रेनें लेट चलीं। Harbour लाइन पर OHE वायर में खराबी आने से दिक्कतें और बढ़ गईं। हवाई सेवाओं में भी असर दिखा और तीन फ्लाइट्स को डायवर्ट करना पड़ा, हालांकि बाद में वे मुंबई लौट आईं। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे बिना वजह घर से बाहर न निकलें और निचले इलाकों से दूर रहें।

प्रशासनिक स्तर पर कई बड़े कदम उठाए गए हैं। पालघर कलेक्टर डॉ. इंदु रानी जाखड़ ने 2 जुलाई को जिले के सभी स्कूल और कॉलेज बंद रखने का आदेश दिया है। रायगढ़ जिले के अलीबाग, पनवेल, उरण, श्रीवर्धन, म्हासला, तल और पोलादपुर तालुकों में भी स्कूल बंद रखे गए हैं। ठाणे नगर निगम (TMC) के मेयर ने अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने और नागरिकों की मदद के लिए संसाधन तैनात करने को कहा है।

इस बारिश का एक सकारात्मक पहलू यह है कि मुंबई की सात झीलों में पानी का स्तर बढ़ा है। potable water सप्लाई करने वाली इन झीलों में जल स्तर 6.75% से बढ़कर 7.18% हो गया है। IMD के महानिदेशक मृत्युंजय मोहपात्रा के अनुसार, इस बारिश से मध्य भारत के खेती वाले इलाकों में खरीफ की बुआई में मदद मिलेगी। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने से आने वाले दिनों में पश्चिमी भारत में मानसून और ज्यादा सक्रिय रहेगा।