Mumbai में जून में बारिश की भारी कमी, IMD ने जारी किया सीजन का पहला Red Alert

Maharashtra: मुंबई में इस साल जून के महीने में बारिश बहुत कम हुई है, जिससे शहर में पानी की किल्लत का खतरा बढ़ गया है। जून में सामान्य से 25% कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि मौसम विभाग (IMD) ने अब जुलाई के पहले हफ्ते में भार

Maharashtra: मुंबई में इस साल जून के महीने में बारिश बहुत कम हुई है, जिससे शहर में पानी की किल्लत का खतरा बढ़ गया है। जून में सामान्य से 25% कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि मौसम विभाग (IMD) ने अब जुलाई के पहले हफ्ते में भारी बारिश की चेतावनी देते हुए रेड अलर्ट जारी किया है।

इस साल मानसून की एंट्री में देरी हुई। मुंबई में मानसून 10 जून की जगह 23 जून को आया, जिससे करीब दो हफ्ते का नुकसान हुआ। इसका सीधा असर शहर को पानी देने वाली सात झीलों के जलस्तर पर पड़ा है। फिलहाल शहर के पास केवल 40 दिनों के लिए पानी का स्टॉक बचा है। सांताक्रूज वेधशाला में 416.4 mm बारिश हुई जो सामान्य का 77% है, वहीं कोलाबा में 441 mm बारिश दर्ज की गई जो सामान्य का 81% है।

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए अलर्ट जारी किया है। 1 से 4 जुलाई तक मुंबई, ठाणे और पालघर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 2 जुलाई को रायगढ़ जिले में रेड अलर्ट जारी किया गया है, जिसका मतलब है कि वहां कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश हो सकती है।

पानी की कमी को देखते हुए BMC ने कड़े कदम उठाए हैं। अब स्विमिंग पूल और कंस्ट्रक्शन साइट्स पर नगर निगम का पानी देना बंद कर दिया गया है ताकि जरूरी कामों के लिए पानी बचाया जा सके। दूसरी तरफ, MMRDA ने मानसून की तैयारी के लिए 547 पोर्टेबल पंप तैनात किए हैं और एक IoT सिस्टम लगाया है जिससे पंप की निगरानी की जा सके। आपातकालीन स्थिति के लिए 25 मई से 15 अक्टूबर तक 24 घंटे डिजास्टर कंट्रोल रूम चालू रहेगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि ग्लोबल वार्मिंग की वजह से मानसून का मिजाज बदल रहा है, जिससे कभी बहुत ज्यादा बारिश होती है तो कभी लंबे समय तक सूखा रहता है। एल नीनो और उत्तर-पश्चिम भारत से चलने वाली सूखी हवाओं ने भी मानसून की रफ्तार को धीमा किया है।