Mumbai में भारी बारिश से जलभराव, Aaditya Thackeray ने सरकार को घेरा; कहा- पार्टियों को तोड़ने के बजाय शासन पर ध्यान दें

Maharashtra: मुंबई में मानसून की भारी बारिश ने आम जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर के कई निचले इलाकों में पानी भर गया है, जिससे लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है। इस बीच राजनीति गरमा गई है और विपक्षी नेता आद

Maharashtra: मुंबई में मानसून की भारी बारिश ने आम जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर के कई निचले इलाकों में पानी भर गया है, जिससे लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है। इस बीच राजनीति गरमा गई है और विपक्षी नेता आदित्य ठाकरे ने बुनियादी ढांचे की कमी को लेकर महायुति सरकार पर तीखा हमला बोला है।

24 जून 2026 को मुंबई के कुछ हिस्सों में 24 घंटे के भीतर 200 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई। शिव सेना (UBT) नेता Aaditya Thackeray ने आरोप लगाया कि सरकार बारिश के पानी के टैंकों और ड्रेनेज सिस्टम जैसे जरूरी कामों को नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का पूरा ध्यान विपक्षी विधायकों और सांसदों की ‘पोचिंग’ यानी उन्हें अपनी पार्टी में मिलाने पर है। ठाकरे ने मांग की कि मुंबई को ‘स्पंज सिटी’ बनाया जाना चाहिए ताकि जलभराव की समस्या खत्म हो सके।

दूसरी तरफ, बीजेपी विधायक Ameet Satam ने इन आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अंधेरी सबवे में जलभराव की समस्या गंभीर है और 500 करोड़ रुपये के होल्डिंग पॉन्ड्स वाले प्लान से भी बाढ़ में केवल 50 प्रतिशत की कमी आएगी। उन्होंने सवाल उठाया कि 1997 से 2022 के बीच इस समस्या को सुलझाने के लिए क्या कदम उठाए गए थे।

इस राजनीतिक खींचतान के बीच IMD ने मुंबई, ठाणे और पालघर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया था, जिसमें बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई थी। BMC ने दावा किया कि अधिकांश सबवे खुले रहे और ट्रैफिक सामान्य रहा, हालांकि 23 जून को अंधेरी अंडरपास को पानी भरने के कारण बंद करना पड़ा था।

वहीं, महाराष्ट्र विधानसभा का मानसून सत्र भी हंगामेदार रहा। उद्धव ठाकरे ने पार्टी विधायकों के साथ आपात बैठक की, क्योंकि शिव सेना (UBT) के छह सांसद पहले ही एकनाथ शिंदे गुट में जा चुके हैं। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विपक्ष के विरोध को राजनीतिक हताशा बताया है।