Mumbai: Turbhe और Kopar Khairane के बीच पटरी के नीचे धंसी जमीन, Railway जांच में MIDC की लापरवाही आई सामने

Maharashtra: मुंबई के ट्रांस हार्बर लाइन पर 24 जून को तुर्भे और कोपर खैराने स्टेशनों के बीच जमीन धंसने से हड़कंप मच गया था। सेंट्रल रेलवे की जांच में पता चला है कि यह हादसा महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (MIDC) की बड़ी ग

Maharashtra: मुंबई के ट्रांस हार्बर लाइन पर 24 जून को तुर्भे और कोपर खैराने स्टेशनों के बीच जमीन धंसने से हड़कंप मच गया था। सेंट्रल रेलवे की जांच में पता चला है कि यह हादसा महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (MIDC) की बड़ी गलती की वजह से हुआ। MIDC ने पाइपलाइन बिछाने के लिए रेलवे द्वारा मंजूर किए गए तरीके के बजाय किसी और तकनीक का इस्तेमाल किया, जिससे पटरी के नीचे की मिट्टी कमजोर हो गई और जमीन धंस गई।

रेलवे की रिपोर्ट के मुताबिक, MIDC को जमीन के नीचे पाइपलाइन डालने के लिए ‘माइक्रो-टनलिंग’ (micro-tunnelling) तकनीक इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई थी। इस तरीके से पटरी के नीचे की जमीन को कम से कम नुकसान होता है। लेकिन एजेंसी ने कथित तौर पर ‘पाइप-पुशिंग’ (pipe-pushing) तरीका अपनाया, जो मंजूर नहीं था। इसी लापरवाही के कारण मिट्टी धंस गई और करीब ढाई घंटे तक लोकल ट्रेनों की आवाजाही ठप रही, जिससे हजारों यात्रियों को परेशानी हुई।

  • गलत तकनीक: माइक्रो-टनलिंग की जगह पाइप-पुशिंग मेथड का इस्तेमाल किया गया।
  • कार्रवाई: सेंट्रल रेलवे ने MIDC के खिलाफ पेनल्टी की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
  • जिम्मेदारी: लापरवाही बरतने पर एक रेलवे सुपरवाइजर को चार्जशीट जारी की गई है।
  • प्रोजेक्ट की स्थिति: पाइपलाइन का करीब 60% काम पूरा हो चुका है।
  • समय सीमा: MIDC को बचा हुआ काम पूरा करने के लिए तीन महीने का अतिरिक्त समय दिया गया है।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि प्रोजेक्ट में देरी हुई और काम के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया गया। अब रेलवे ने फैसला किया है कि चालू पटरियों के पास चल रहे सभी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की निगरानी और सख्त की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएं न हों।