Maharashtra: मुंबई रेलवे पुलिस ने पिछले पांच सालों में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। जनवरी 2021 से अप्रैल 2026 के बीच रेलवे स्टेशनों पर मिले 11,974 लावारिस बच्चों में से 11,835 बच्चों को उनके परिवार से मिला दिया गया। पुलि
Maharashtra: मुंबई रेलवे पुलिस ने पिछले पांच सालों में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। जनवरी 2021 से अप्रैल 2026 के बीच रेलवे स्टेशनों पर मिले 11,974 लावारिस बच्चों में से 11,835 बच्चों को उनके परिवार से मिला दिया गया। पुलिस की इस मुस्तैदी की वजह से करीब 99% बच्चों की अपने घर वापसी हो पाई है।
बच्चों को बचाने के लिए क्या कदम उठाए गए
रेलवे पुलिस ने बच्चों की तलाश और सुरक्षा के लिए कई खास इंतजाम किए हैं। इसमें ‘निर्भया स्क्वॉड’ की अहम भूमिका रही है, जो स्टेशनों पर अकेले घूम रहे बच्चों की पहचान करते हैं। इसके अलावा, गृह मंत्रालय के ‘ऑपरेशन मुस्कान’ और RPF के ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ जैसे अभियानों के जरिए बच्चों को रेस्क्यू किया गया। स्टेशनों पर चाइल्ड-फ्रेंडली हेल्पडेस्क भी बनाए गए हैं जहाँ NGO के लोग बच्चों की मदद करते हैं।
रेस्क्यू किए गए बच्चों का पूरा डेटा
| विवरण |
आंकड़े/जानकारी |
| कुल मिले बच्चे (2021-2026) |
11,974 |
| परिवार से मिले बच्चे |
11,835 |
| पुनर्मिलन दर (Reunification Rate) |
99% |
| सीधे अभिभावकों को सौंपे गए केस |
5,736 |
| लड़कों की संख्या |
लगभग 67% |
| रेलवे हेल्पलाइन नंबर |
1512 |
बच्चे घर से क्यों दूर हुए और आगे की प्रक्रिया क्या है
GRP अधिकारी के मुताबिक, कई बच्चे मुंबई की चकाचौंध, गरीबी या पारिवारिक झगड़ों की वजह से घर छोड़ देते हैं। कुछ बच्चे स्मार्टफोन के ज्यादा इस्तेमाल या किसी के बहकावे में आकर भी भाग जाते हैं। नियम के मुताबिक, किसी भी बच्चे के मिलने के 24 घंटे के भीतर उसे Child Welfare Committee (CWC) के सामने पेश करना जरूरी होता है। हाल ही में अप्रैल 2026 में बिहार से महाराष्ट्र ले जाए जा रहे 163 नाबालिग लड़कों को भी तस्करी के शक में बचाया गया था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
रेलवे स्टेशन पर अकेला बच्चा मिलने पर पुलिस क्या प्रक्रिया अपनाती है?
SOP के तहत किसी भी लावारिस बच्चे को मिलने के 24 घंटे के भीतर Child Welfare Committee (CWC) के सामने पेश किया जाता है और फिर उनके परिवार की तलाश की जाती है।
रेलवे यात्रियों की मदद के लिए कौन सा हेल्पलाइन नंबर है?
रेलवे पुलिस ने यात्रियों की तत्काल सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1512 जारी किया है, जिस पर संपर्क किया जा सकता है।