Finance : भारत के वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स मार्केट में हलचल तेज है। Vestian की Q1 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई और पुणे जैसे शहरों में गोदामों की मांग काफी बढ़ी है, जबकि दिल्ली-NCR में इसमें बड़ी गिरावट देखी गई है।
Finance : भारत के वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स मार्केट में हलचल तेज है। Vestian की Q1 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई और पुणे जैसे शहरों में गोदामों की मांग काफी बढ़ी है, जबकि दिल्ली-NCR में इसमें बड़ी गिरावट देखी गई है। देश के टॉप सात शहरों में कुल 11.4 मिलियन स्क्वायर फीट जगह ली गई है।
मुंबई और पुणे में कितनी बढ़ी मांग
मुंबई और पुणे ने मिलकर देश की कुल लीजिंग एक्टिविटी में 81% का योगदान दिया है। मुंबई सबसे आगे रहा जहां 4.76 मिलियन स्क्वायर फीट जगह ली गई, जो कुल मांग का करीब 42% है। इसमें भी Bhiwandi इलाके का बड़ा हाथ रहा। वहीं पुणे में 162% की जबरदस्त बढ़त देखी गई और यहां 4.46 मिलियन स्क्वायर फीट का अब्सॉर्प्शन हुआ, जो इसके इतिहास का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
Delhi-NCR और अन्य शहरों का क्या हाल है
मुंबई-पुणे के उलट दिल्ली-NCR में मांग काफी कम हुई है। यहां केवल 0.73 मिलियन स्क्वायर फीट जगह ली गई, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 61% और पिछले साल के मुकाबले 57% कम है। अन्य शहरों की बात करें तो हैदराबाद में 50% की सालाना बढ़त रही, जबकि चेन्नई और बेंगलुरु में मांग कम रही।
किराया और निवेश की स्थिति क्या है
| शहर |
औसत किराया (प्रति sq ft/महीना) |
बदलाव/खास बात |
| Chennai |
Rs 29 |
22% तिमाही बढ़त |
| Delhi-NCR |
Rs 27 |
30% सालाना बढ़त |
| Pune |
Rs 27 |
4% तिमाही बढ़त |
| औसत रेंज |
Rs 20-29 |
स्थिर किराया |
इन्वेस्टमेंट के मोर्चे पर इस तिमाही में बड़ी गिरावट आई है। कुल रियल एस्टेट निवेश में वेयरहाउसिंग का हिस्सा सिर्फ 2% (22 मिलियन डॉलर) रहा। इसमें पुणे में NDR InvIT द्वारा एक ग्रेड-ए वेयरहाउसिंग एसेट खरीदना सबसे बड़ा सौदा था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
वेयरहाउसिंग की मांग किन सेक्टरों की वजह से बढ़ रही है?
रिपोर्ट के मुताबिक Third-Party Logistics (3PL) कंपनियों ने 43% मांग पैदा की है। इसके अलावा इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और कंज्यूमर गुड्स कंपनियों का हिस्सा भी 25% तक पहुंच गया है।
Vestian के CEO ने मार्केट के बारे में क्या कहा है?
CEO Shrinivas Rao ने बताया कि मैन्युफैक्चरिंग एक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और घरेलू खपत बढ़ने से मार्केट मजबूत हुआ है। उम्मीद है कि 2026 के अंत तक सालाना अब्सॉर्प्शन 45 मिलियन स्क्वायर फीट से ज्यादा होगा।