Mumbai-Pune ‘Missing Link’ पर लैंडस्लाइड, उद्घाटन के कुछ ही हफ्तों बाद बंद हुआ रास्ता

Maharashtra: मुंबई और पुणे के बीच का ‘मिसिंग लिंक’ प्रोजेक्ट उद्घाटन के महज नौ हफ्ते बाद ही लैंडस्लाइड की वजह से बंद हो गया। 1 मई 2026 को करीब 6,695 करोड़ रुपये की लागत से शुरू हुए इस प्रोजेक्ट में सोमवार तड़

Maharashtra: मुंबई और पुणे के बीच का ‘मिसिंग लिंक’ प्रोजेक्ट उद्घाटन के महज नौ हफ्ते बाद ही लैंडस्लाइड की वजह से बंद हो गया। 1 मई 2026 को करीब 6,695 करोड़ रुपये की लागत से शुरू हुए इस प्रोजेक्ट में सोमवार तड़के भूस्खलन हुआ, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ। इस घटना के बाद विपक्ष ने निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

यह हादसा 6 जुलाई 2026 की सुबह करीब 3:15 से 3:30 बजे के बीच हुआ। पुणे से मुंबई जाने वाले रास्ते पर टनल 2 के एग्जिट के पास एक बड़ा पत्थर गिरा, जिससे रास्ता बंद हो गया। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने बताया कि सड़क पर करीब 100 टन मलबा जमा हो गया था। इस वजह से मुंबई जाने वाली लेन को सुबह 4 बजे बंद करना पड़ा और ट्रैफिक को पुराने मुंबई-पुणे हाईवे और एक्सप्रेसवे के घाट सेक्शन की तरफ मोड़ा गया।

MSRDC के अधिकारियों, अनिलकुमार गायकवाड़ और राहुल वसाईकर ने साफ किया कि टनल के ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। उन्होंने बताया कि यह हादसा टनल के बाहर बने सजावटी ढांचे (false frame) और रिटेनिंग स्ट्रक्चर में हुआ है, जिसमें करीब 15 टन का एक बड़ा पत्थर गिरा था। अधिकारियों ने इसे ‘कुदरत का कहर’ बताया और कहा कि इलाके में रिकॉर्ड तोड़ बारिश हुई थी। लोनावला में 24 घंटे में 670 मिमी बारिश दर्ज की गई।

इस मामले में एक्सपर्ट डॉ. संदीप पोटनिस ने कहा कि यह टनल की छत गिरने का मामला नहीं है, बल्कि टनल के पास की ढलान खिसकने की वजह से हुआ है। दूसरी तरफ, आदित्य ठाकरे (Shiv Sena UBT), अनंत गदगिल (Congress) और सुप्रिया सुले (NCP) जैसे विपक्षी नेताओं ने निर्माण कार्य की क्वालिटी पर सवाल उठाए हैं और इसकी स्वतंत्र जांच की मांग की है।

रास्ते को खोलने के लिए Navayuga Engineering Company ने मलबे को हटाने का काम किया। शाम 5:30 बजे तक मलबा साफ कर लिया गया और रात 10:10 बजे तक मुंबई जाने वाली लेन की दो लाइनों को यातायात के लिए फिर से खोल दिया गया। MSRDC ने घोषणा की है कि बारिश कम होने के बाद IIT Bombay के एक्सपर्ट्स पूरे स्ट्रेच का सेफ्टी ऑडिट करेंगे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।