Mumbai-Pune Highway के ‘Missing Link’ प्रोजेक्ट पर घमासान, CM Fadnavis ने बताया इंजीनियरिंग का कमाल

Maharashtra: मुंबई और पुणे के बीच यात्रा को आसान बनाने वाला ‘Missing Link’ प्रोजेक्ट अब विवादों में घिर गया है। भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन और सड़क की क्वालिटी को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेर लिया है। मुख्यम

Maharashtra: मुंबई और पुणे के बीच यात्रा को आसान बनाने वाला ‘Missing Link’ प्रोजेक्ट अब विवादों में घिर गया है। भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन और सड़क की क्वालिटी को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेर लिया है। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने विधानसभा में इस प्रोजेक्ट का बचाव करते हुए इसे एक इंजीनियरिंग करिश्मा बताया है।

यह प्रोजेक्ट 1 मई 2026 को महाराष्ट्र दिवस के मौके पर शुरू किया गया था। करीब 7,000 करोड़ रुपये की लागत से बने इस 13.3 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का मकसद लोनावला-खंडाला घाट के घुमावदार रास्तों से निजात दिलाना था। इससे मुंबई और पुणे के बीच की दूरी करीब 6 किलोमीटर कम हो गई है और सफर में 20 से 30 मिनट की बचत होती है। इसमें एशिया की सबसे चौड़ी टनल और भारत का सबसे चौड़ा केबल-स्टेयड ब्रिज बनाया गया है।

विवाद तब शुरू हुआ जब 6 जुलाई 2026 को भारी बारिश की वजह से एक टनल के पास लैंडस्लाइड हुआ, जिससे रास्ता 18 घंटे तक बंद रहा। इसके बाद NCP नेता Rohit Pawar ने प्रोजेक्ट में घोटाले का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उद्घाटन के दो महीने के भीतर ही टनल में पानी का रिसाव, सड़कों पर दरारें और भूस्खलन होना गंभीर मामला है। उन्होंने इसकी तकनीकी जांच की मांग की है।

दूसरी तरफ MSRDC के उपाध्यक्ष Anilkumar Gaikwad ने कहा कि लैंडस्लाइड प्राकृतिक आपदा थी और इसमें ठेकेदार की गलती नहीं है। उन्होंने बताया कि IIT-Bombay द्वारा मंजूर किए गए सुरक्षा इंतजाम किए गए थे, लेकिन प्रकृति के आगे उनकी एक सीमा होती है। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने विधानसभा में कहा कि बड़े प्रोजेक्ट्स में शुरुआती चुनौतियां आती हैं, जैसे कोंकण रेलवे के समय आई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग महाराष्ट्र को बदनाम करने के लिए गलत जानकारी फैला रहे हैं।

CM Fadnavis ने भरोसा दिलाया कि सरकार IIT के विशेषज्ञों की सलाह पर सुरक्षा इंतजामों को और मजबूत करेगी। वहीं, Shiv Sena (UBT) नेता Sanjay Raut ने मुख्यमंत्री के जवाब को अहंकार और हताशा बताया है। इस प्रोजेक्ट को Navayuga Engineering और Afcons Infrastructure जैसी कंपनियों ने बनाया है।